Bihar Politics: बिहार में इन दिनों समान नागरिक संहिता UCC के मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो गई है। बिहार में एनडीए का अहम हिस्सा होते हुए जदयू ने साफ तौर पर कहा है कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर यूसीसी नहीं लागू होगा। वहीं, इस बीच केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के 2029 तक लोकसभा चुनाव से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा, जिसे लेकर एनडीए में शामिल कुछ राजनीतिक दल यूसीसी को लेकर सहमत नहीं दिख रहे हैं। बिहार में भी इसे लेकर सियासी बयानबाजी जारी है।

यूसीसी के समर्थन में खुलकर उतरे मांझी

जीतन राम मांझी ने समान नागरिक संहिता (UCC) का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, बाबा साहेब का संविधान देश के धर्मनिरपेक्षता की नीति पर आधारित है, जो हमें समानता का भी अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि, UCC के अनुपालन में किसी प्रकार के दांव पेच की बात करना मेरी समझ में गैर संवैधानिक है, जिसे पीएम मोदी के नेतृत्व वाली हमारी सरकार ने काफी सोच समझकर लागू करने का निर्णय लिया है।

चेहरा देखकर काम नहीं करेगी हमारी सरकार- मांझी

मांझी ने कहा कि, वैसे देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी समय-समय पर UCC अनुपालन हेतु हमारी सरकार को निर्देशित किया था, जिसे पुरानी सरकारों ने कभी तव्वजो नहीं दिया। पर हम हर संवैधानिक व्यवस्था को लागू करने के पक्षधर हैं, चाहें वह ट्रिपल तलाक़ का मामला हो या धारा-370 का। वैसे मैं सरकार के मंत्री होने के नाते एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली हमारी सरकार ना तो किसी का चेहरा देखकर काम करेगी ना ही किसी ख़ास को खुश करने के लिए।

बोले- अब तालाब के पानी पर होगा सभी का अधिकार

जीतन राम मांझी ने आगे कहा कि, “अब तालाब के पानी पर सबों का अधिकार होगा।” उन्होंने कहा कि, बराबरी का अधिकार मतलब UCC। हम हर वह फैसला ले रहें हैं, जो राष्ट्रहित में हैं। क्योंकि हम रहें या ना रहें ये देश रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का धन्यवाद करते हुए उनके प्रति आभार जताया और कहा कि, आप हैं तो देश निश्चित है, देश के अवाम को भरोसा है।

भाई वीरेंद्र ने नीतीश कुमार को सरकार बनाने का दिया प्रस्ताव

उधर जदयू द्वारा यूसीसी का विरोध करने पर मनेर से राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने पूर्व सीएम और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को महागठबंधन में आने और सरकार बनाने का प्रस्ताव दे दिया है। नीतीश कुमार को दिए गए प्रस्ताव को लेकर जब भाई वीरेंद्र से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, मेरा बयान स्पष्ट है। वो राजनीति में समाजवादी पृष्ठभूमि के रहे हैं। यहां भाजपा के पैर जमाने का काम उन्होंने ही किया है। अगर वो ऐसा पाप नहीं करते तो शायद यहां भाजपा नहीं पनपती। मैंने इसलिए कहा कि अब इस पाप को धोने का समय आ गया है।

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