रांची। झारखंड में JPSC-JSSC नियुक्ति परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को बेहद उग्र हो गया। विधानसभा घेराव के लिए निकले प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस की कई स्तर की बैरिकेडिंग पार कर दी और विधानसभा के मुहाने तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज भी किया। कार्रवाई में कुछ छात्रों के घायल होने की बात सामने आई है।
पांच बाधाएं पार कर विधानसभा के करीब पहुंचे छात्र
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी पुलिस बल के साथ तीन स्तर की लोहे की बैरिकेडिंग लगाई गई थी। वाटर कैनन से पानी की बौछार भी की गई, लेकिन छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। कई बाधाओं को पार करते हुए प्रदर्शनकारी विधानसभा के बेहद करीब पहुंच गए।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, खेतों के रास्ते भी छात्र विधानसभा की ओर बढ़े। आंदोलनकारियों का दावा है कि झारखंड गठन के बाद अब तक किसी प्रदर्शन में कोई जत्था विधानसभा के इतने करीब नहीं पहुंच पाया था।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव
बैरिकेडिंग के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन चलाया। इसी दौरान कुछ छात्रों ने पानी की तेज धार के बीच रेन डांस करते हुए विरोध जताया।
बाद में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज की स्थिति भी बनी। घायल छात्र विक्रम कुमार ने पुलिस पर अचानक लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया। उसका कहना है कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे और किसी तरह की गाली-गलौज या उपद्रव नहीं कर रहे थे, लेकिन अचानक पुलिस ने लाठियां बरसानी शुरू कर दीं।
छात्रों ने पुलिस पर बर्बरता का लगाया आरोप
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि बैरिकेडिंग के पास छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्ण तरीके से लाठीचार्ज किया। छात्र का दावा है कि लाठियां सिर, हाथ, चेहरे और शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी बरसाई गईं।हालांकि, पुलिस की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़े छात्र
प्रदर्शन के दौरान जगन्नाथपुर मंदिर के पास भी बड़ी संख्या में छात्र जुटे रहे। यहां प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने सड़क पर लगी बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। कुछ समय के लिए छात्र विधानसभा की ओर बढ़े, लेकिन बाद में उनका एक समूह वापस जगन्नाथपुर मंदिर के पास लौट आया।मौके पर पुलिस बल और प्रदर्शनकारी दोनों तरफ मौजूद हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था लगातार कड़ी रखी गई है।


