रांची। झारखंड के बहुचर्चित JSSC CGL पेपर लीक मामले में सीआईडी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी से पूछताछ के लिए उसकी रिमांड अवधि तीन दिन और बढ़ा दी गई है। वहीं, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी से पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

60 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ

एसटीएफ आईजी अनूप बिरथरे की अध्यक्षता में गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही है। अब तक 60 से अधिक संदिग्धों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अभय तिवारी से भी लगातार पूछताछ जारी है।

जांच के दौरान अभय ने कथित तौर पर बताया था कि 12-12 लाख रुपये देकर पेपर लीक कराया गया था। उसके अनुसार बोकारो में अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर रटवाए गए थे। अभय ने यह भी दावा किया था कि वह खुद इस प्रक्रिया में सफल हुआ था।

वेबेल के मालिक की तलाश तेज

JSSC CGL परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसी वेबेल भी जांच के दायरे में है। सीआईडी को एजेंसी के मालिक मिथिलेश सिंह की तलाश है। जांच एजेंसी उससे पेपर लीक मामले में पूछताछ करना चाहती है।

पूर्व JPSC अध्यक्ष समेत 5 की जमानत पर 2 सितंबर को सुनवाई

इधर, 14वें JPSC फर्जीवाड़ा मामले में पूर्व JPSC अध्यक्ष एल खियांग्ते समेत पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 2 सितंबर की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान सीआईडी ने अदालत में केस डायरी भी पेश की।

जमानत मांगने वालों में एल खियांग्ते, अभय कुमार तिवारी, श्वेता गुप्ता, सुमन सौरव और उमेश कुमार शामिल हैं। सीआईडी ने 10 अगस्त को एल खियांग्ते को गिरफ्तार किया था, जबकि अभय कुमार तिवारी की गिरफ्तारी 22 जुलाई को गोड्डा से हुई थी। अभय ब्लैकलिस्टेड कंपनी टीडीपीएल में मार्केटिंग मैनेजर था। श्वेता गुप्ता JPSC में परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थीं।