Dharm Desk – हर सुबह काम पर निकलने से पहले मन में कई तरह के सवाल आते हैं कि आज का दिन कैसा रहेगा।ओर इस सवाल से निपटने का एक बहुत पुराना और सीधा-सा नुस्खा हमारी परंपराओं में छिपा हुआ है। और वो है माथे पर सही तिलक या टीका लगाना इसे सिर्फ पूजा-पाठ से जोड़कर नहीं देखा जाता। माथे का ठीक बीच वाला भाग यानी दोनों भौहों के बीच की जगह हमारे शरीर का नियंत्रण केंद्र मानी जाती है। अगर यहाँ सही चीज़ से हल्का सा दबाव पड़े तो दिमाग तुरंत शांत और स्थिर हो जाता है। अगर आपका दिन बिना किसी फ़ालतू तनाव के बीते और हर काम में मन लगे तो सप्ताह के सातों दिनों के अनुसार यह छोटा सा बदलाव करके देखे।

  1. सोमवार
    सप्ताह की शुरुआत में ही काम का सबसे ज़्यादा बोझ होता है। ऐसे में दिमाग को ठंडा रखने के लिए सोमवार को सफ़ेद चंदन का टीका लगाना चाहिए। इससे मन शांत रहता हैं और चिड़ चिड़ेपन से बचा जा सकता हैं।
  2. मंगलवार
    मंगलवार को अगर सुस्ती महसूस हो रही हो आलसी आ रहा हो तो माथे पर लाल चंदन या सिंदूर लगाएं। लाल रंग हमारे अंदर का विश्वास जगाता है और काम करने का नया जोश देता है।
  3. बुधवार
    अगर कोई बड़ा निर्णय लेना है या परामर्श बैठक है। तो बुधवार को अष्टगंध या सूखा सिंदूर का टीका लगाएं। यह सोचने-समझने की क्षमता और बातचीत के तरीक़े को बेहतर बनाता है।
  4. गुरुवार
    गुरुवार का दिन ज्ञान और विकास का माना जाता है। इस दिन हल्दी केसर या पीले चंदन का टीका लगाना शुभ होता हैं। हल्दी में ऐसे गुण होते हैं जो मानसिक थकान को दूर कर परिवेश को खुशनुमा बना देते हैं।
  5. शुक्रवार
    सप्ताह का अंत आते-आते दिमाग थोड़ा चिंता मुक्त होना चाहता है। शुक्रवार को कुमकुम या लाल चंदन लगाने से आस-पास का वातावरण हल्का रहता है और लोगों से बातचीत में मिठास बनी रहती है।
  6. शनिवार
    शनिवार को भस्म या विभूति का हल्का सा स्पर्श माथे पर करें। यह गंभीर संयमित और फालतू की मानसिक उलझनों से दूर रखने में मदद करता है।
  7. रविवार
    रविवार का दिन आराम के साथ-साथ खुद को रीचार्ज करने का होता है। इस दिन लाल चंदन का तिलक लगाने से आत्मविश्वास बढ़ता है और अगले हफ़्ते के लिए पूरी तरह तैयार महसूस करते हैं।

्सर्हीर्र तरीके से लगाएं तभी मिलेगा लाभ

  1. जब भी खुद को टीका लगाएं, हमेशा अनामिका उंगली का प्रयोग करें।
  2. उंगली से माथे के बीच में हल्का सा दबाव दें इससे तंत्रिकाएं एक्टिव होती हैं।
  3. हमेशा शुद्ध और प्राकृतिक चीज़ों असली चंदन, हल्दी का ही प्रयोग करें ताकि स्किन पर कोई एलर्जी न हो।