कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जांच के दौरान नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह मामला अचानक हुई वारदात के बजाय पहले से बनाई गई योजना से जुड़ा होने का संदेह सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी आसिफ और उसके कथित साथियों हेमंत और मुकेश ने घटना को अंजाम देने की पहले से योजना बनाई थी। जांच के दौरान पुलिस ने आसिफ के पास से एक पिस्टल, एक चाकू और कंडोम बरामद करने की बात कही है।

पहले भी जोड़े को डराने की कोशिश का दावा

पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, मुख्य आरोपी आसिफ कथित तौर पर पहले से तैयारी करके आस्था कुंज पार्क पहुंचा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसके पास पिस्टल, चाकू और कंडोम मिला, जिससे जांच एजेंसियां घटना की पूर्व योजना के एंगल की भी जांच कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, आसिफ ने इससे पहले भी आस्था कुंज पार्क में एक युवक-युवती को चाकू दिखाकर डराने और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने की कोशिश की थी। हालांकि, उस समय वह अकेला था और कथित तौर पर अपने इरादे में सफल नहीं हो सका।

 “जनाब” बोलकर पुलिसकर्मी बनने का नाटक

पुलिस जांच के मुताबिक, सोमवार शाम नाबालिग छात्रा अपने जन्मदिन पर एक दोस्त के साथ आस्था कुंज पार्क में मौजूद थी। इसी दौरान तीनों आरोपी वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने दोनों को भ्रमित करने के लिए पुलिसकर्मियों जैसी भाषा का इस्तेमाल किया और खुद को पुलिस से जुड़ा बताने की कोशिश की। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी बार-बार “जनाब” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे और “थाने चलो” कहकर दोनों को डराने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस को दिए बयान में छात्रा और उसके दोस्त ने आरोपियों के इसी व्यवहार के बारे में जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, इसके बाद आरोपियों ने हथियार दिखाकर छात्रा के दोस्त को डराया और नाबालिग छात्रा के साथ गंभीर अपराध को अंजाम दिया।

मोबाइल में अश्लील वीडियो, सर्च हिस्ट्री डिलीट करने का दावा

पुलिस जांच में आरोपियों की डिजिटल गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुख्य आरोपी आसिफ के मोबाइल फोन से अश्लील सामग्री मिलने की बात सामने आई है। वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है कि मुकेश और हेमंत ने पकड़े जाने के डर से अपने मोबाइल फोन की सर्च हिस्ट्री डिलीट कर दी थी। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद तीनों आरोपी एक खाने की दुकान पर गए और बाद में श्रीनिवासपुरी स्थित अपने घर पहुंचे। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने कथित तौर पर अपने कपड़े धोए थे। पुलिस इस गतिविधि को संभावित साक्ष्य मिटाने के प्रयास के तौर पर देख रही है और इसकी जांच की जा रही है।

150 एकड़ का पार्क और सुरक्षा पर गंभीर सवाल

इस मामले के बाद करीब 150 एकड़ में फैले आस्था कुंज पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इतने बड़े क्षेत्र में महज 27 गार्डों की तैनाती होने की बात सामने आई है। इसके अलावा पार्क के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारण रात के समय अंधेरा रहने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस अब तीनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर उनकी पिछली गतिविधियों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या मुख्य आरोपी आसिफ इससे पहले भी इस तरह की किसी वारदात में शामिल रहा है और क्या पार्क में पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं।

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