दिल्ली के आस्था कुंज पार्क इलाके में 17 वर्षीय नाबालिग से गैंगरेप के मामले में पुलिस जांच के दौरान अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से एक पहले पुलिस के मुखबिर के तौर पर काम कर चुका है। पुलिस को घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच तेजी से शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बताया कि आरोपियों में शामिल आसिफ की पहचान पीड़िता की ओर से बताए गए हुलिए के आधार पर की गई थी। पुलिस के मुताबिक, आसिफ सब्जी बेचने का काम करता है और पहले पुलिस के लिए मुखबिर के तौर पर भी काम कर चुका है। सूत्रों के अनुसार, आसिफ की गिरफ्तारी के बाद पुलिसकर्मियों ने उसके बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। अधिकारियों को बताया गया कि आसिफ को पहले भी छेड़छाड़ के आरोप में स्थानीय पुलिस ने पकड़ा था, हालांकि उस समय कोई शिकायत दर्ज नहीं होने के कारण उसे छोड़ दिया गया था।
पुलिस ने क्या बताया
इस मामले में साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी विनीत कुमार ने बताया कि पुलिस के पास इलाके के सभी बदमाशों की जानकारी है और आसिफ के बारे में भी पुलिस को पहले से जानकारी थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के दौरान पीड़िता और उसके साथ मौजूद दोस्त ने आरोपी की पहचान से जुड़ी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता और उसके दोस्त ने बताया कि आरोपी ने खुद को पुलिसकर्मी बताया था और दोनों से पूछताछ कर रहा था। लड़के ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान पुलिस से जुड़ी शब्दावली का भी इस्तेमाल किया था। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों से पूछताछ क्यों की और उसने इस पहचान का किस तरह इस्तेमाल किया।
एनकाउंटर के बाद हुआ था गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, लड़की और उसके दोस्त के बयान के आधार पर आसिफ की पहचान होने के बाद उसका मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाया। पुलिस का कहना है कि मंगलवार सुबह डीडीए पार्क में उसे पकड़ने की कोशिश के दौरान उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में आसिफ ने बताया कि घटना वाले दिन वह अपनी बेटी को छोड़ने के बाद पार्क गया था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वह पहले भी किसी अन्य व्यक्ति के साथ मारपीट या छेड़छाड़ की घटनाओं में शामिल रहा है। जांच में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आसिफ ने अपने इलाके में अपनी पहचान छिपाने या पुलिस की नजर से बचने के लिए पुलिसकर्मियों से अपनी कथित जान-पहचान का गलत फायदा उठाया था।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


