पेगासस पर कमलनाथ की मोदी सरकार को चुनौती, बोले- अगर जासूसी नहीं कराई तो सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दें

राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। पेगासस जासूसी कांड मामला और राज्यसभा में ऑक्सीजन को लेकर केन्द्र सरकार द्वारा दिए गए बयान ने देश की सियासत को गरमा दिया है। दोनों ही मामलों में केन्द्र सरकार चौतरफा घिरी हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रेसवार्ता कर केन्द्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने पेगासस मामले में केन्द्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पेगासस खरीदकर जासूसी नहीं कराई है तो सुप्रीम कोर्ट में सरकार हलफनामा दे। उन्होंने कहा मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को भी पेगासस के इस्तेमाल से गिराने का अंदेशा जाहिर किया है।

फ्रांस ने शुरु की जांच

कमलनाथ ने कहा कि 15 दिन में पेगासस मामले में और अधिक खुलासे होंगे। ये हमारी नहीं इंटरनेशनल मीडिया ने खुलासा किया है।फ्रांस ने इंवेस्टिगेशन शुरू कर दी है। सेलफोन कम्पनियां सरकारों को कोड भेजती हैं। इसके जरिए वॉइस रिकॉर्डिग हो सकती है। इस सम्बंध में मेरी कम्पनियों से बातचीत हुई है।

मोदी सुरक्षा के लिए खरीदा गया

पेगासस सॉफ्टवेयर इंडिया में बेचा गया। एक व्यक्ति का एक लाइसेंस होता है। ये लाइसेंस सरकार ने खरीदे। भारत ने अकेला सॉफ्टवेयर नहीं खरीदा लाइसेंस भी खरीदा है। कम्पनियों को नम्बर से नहीं पैसों से मतलब है। ये लाइसेंस खरीदने के लिए सरकारी कमेटी होती है। ये लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खरीदा गया या मोदी सुरक्षा के लिए खरीदा गया।अगर नहीं खरीदा तो सरकार कोर्ट में एफिडेविट दे।

गलत है तो खबर छापने वालों पर करें कार्रवाई

पेगासस में अकेला वॉइस नहीं सब कुछ रिकॉर्ड होता है। पेगासस पूरे फोन में घुस जाता है। मेल आईडी से लेकर पासवर्ड पता चल जाता है। सवाल ये है कि क्या पेगासस के बहिन-भाई सॉफ्टवेयर भी खरीदे गए। अगर ये सब गलत है तो सरकार ये सब छापने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे। और मांग है कि सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जाल में सरकार के सभी आलोचकों को डाला गया है। यदि भारत सरकार ने नहीं खरीदा तो किसी ने तो खरीदा है। कहीं चीन ने तो नहीं खरीदा है, ये सरकार बताए। ऐसा किसी देश में नहीं हुआ जहां सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस की जासूसी हुई हो। शिवराजजी मोदीजी से पूछकर विधानसभा में एफिडेविट दे दें कि पेगासस का इस्तेमाल नहीं हुआ है।

शिवराज का भी फोन टेप कराया हो!

नाथ ने आगे कहा, देश में 300 फोन टेप हुए हैं। अब तक 15 के नाम सामने आए हैं। पेगासस ने दुनिया मे 55 हजार फोन टेप किए हैं।क्या पता पेगासस से शिवराजसिंह चौहान का भी फोन टेप किया हो।

पेगासस का इस्तेमाल कर सरकार गिराई – कमलनाथ

कमलनाथ ने मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार गिराने में पेगासस का इस्तेमाल होने का अंदेशा जताया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में सरकार गिराने में पेगासस का इस्तेमाल हुआ। संभावना है मध्य प्रदेश सरकार गिराने में भी उसका इसका हुआ हो। बेंगलोर से कांग्रेस विधायक होटल से कर्मचारियों से बात करते थे। विधायक कहते थे कि उनके फोन टेप हो रहे हैं।

नहीं है लिस्ट

पेगासस फोन रिकॉर्डिंग की लिस्ट होने का दावा करने वाले कमलनाथ अपने दावे से अब मुकर गए हैं। उन्होंने कहा कि मैंने कभी नहीं कहा कि पेगासस मामले में मेरे पास कोई फोन रिकॉर्डिंग की लिस्ट है। यूपीए सरकार में फोन टैपिंग के सवाल पर बोले कमलनाथ – पेगासस स्पाई वेयर 2017 में मार्केट में आया। प्रदेश में अपनी सरकार के वक्त मैंने किसी को फोन टैपिंग के लिए नहीं कहा।

केन्द्र ने देश की अर्थव्यवस्था को चौपट किया

कमलनाथ ने मोदी सरकार पर देश की अर्थव्यवस्था चौपट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हर वर्ग महंगाई से परेशान है। कमलनाथ ने कहा कि जब पेट्रोल 60 रुपए था तब शिवराजजी कहते थे साइकिल पर घूमूंगा। मैं शिवराजसिंह नहीं जो झूठ बोलूंगा, मैं आंकड़ों के साथ बात करूंगा। तुअर, मूंग, उड़द दाल की 2014 और आज के दाम की तुलना की। पहले दाल से 60 से 70 रुपए किलो अब 150 तक हैं।  तुअर दाल 2014 में 65 आज 110 रु. यही हाल मूंग,उड़द की दाल का है। खाने का तेल आज 200 रुपये लीटर हो गया। दूध आज 45 से 65 – 70 का हो गया। महंगाई हर वर्ग की कमर तोड़ रही है।

हमने एमएसपी बढ़ाई थी उससे महंगाई बड़ी थी। तब हम चाहते थे आर्थिक गतिविधियां बढ़ें। लेकिन आज की महगांई से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। आज सबसे बड़ी चुनोती बेरोजगारी है।इकोनॉमिक एक्टिविटी बढ़ने से ही बेरोजगारी कम होगी।

 केन्द्र और राज्य सरकार झूठ बोल रही

दिल्ली और भोपाल में सरकार झूठ बोल रही है, ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई। कितना बड़ा झूठ बोला है। मध्य प्रदेश में ही कई मौतें हुई हैं। राज्यों को आंकड़े भेजने से मना करते हैं और कह रहे हैं राज्यों ने आंकड़े भेजे हैं। हमने शमशान घाट और कब्रस्तानों के आंकड़े निकाले हैं। बीजेपी सरकार आंकड़े दबाने और छिपाने में लगी हैं।

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