कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने उनके बेटे सुब्रत को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में पिता की हत्या कराने की बात स्वीकार की. पुलिस के मुताबिक, सुब्रत पर 40-50 लाख रुपये का कर्ज था और उसने नौकर विशाल के साथ मिलकर करीब तीन महीने पहले हत्या की साजिश रची थी.
कानपुर. दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके बेटे सुब्रत को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, बुधवार देर रात करीब ढाई बजे पूछताछ के दौरान सुब्रत ने पिता की हत्या कराने की बात स्वीकार की.
जांच के अनुसार, हत्या की साजिश में सुब्रत ने अपने नौकर विशाल को शामिल किया था. पुलिस का कहना है कि सुब्रत ने ही विशाल को घर की चाबी दी थी और पिता की हत्या तकिया से मुंह दबाकर करने के लिए कहा था.
कर्ज में था सुब्रत
पुलिस के मुताबिक, सुब्रत पर करीब 40 से 50 लाख रुपये का कर्ज था. इस कर्ज की हर महीने लगभग 55 हजार रुपये की किस्त चुकानी पड़ती थी.

पूछताछ में सुब्रत ने पुलिस को बताया कि उसे आशंका थी कि उसके पिता के किसी महिला के साथ संबंध के कारण वह महिला गर्भवती हो सकती है. उसके मुताबिक, ऐसी स्थिति में पिता की संपत्ति का बंटवारा करना पड़ सकता था.
तीन महीने पहले साजिश
पुलिस के अनुसार, सुब्रत ने करीब तीन महीने पहले ही नौकर विशाल के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी. विशाल ने गुमटी से घर की डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी, जबकि घटना से पहले सुब्रत ने उसे असली चाबी दे दी और डुप्लीकेट चाबी अपने पास रख ली.
जांच में यह भी सामने आया कि सुब्रत की योजना हत्या के बाद शक अपने पिता के भाई पर डालने की थी. हालांकि, बाद में मामले की जांच की दिशा बदल गई.
शालू को क्लीन चिट
कस्टडी रिमांड के दौरान शालू ने पुलिस से सुब्रत को छोड़ देने की बात कही थी. उसने कहा था कि उसे जेल भेज दिया जाए और सुब्रत को जाने दिया जाए.
पुलिस की अब तक की जांच में शालू की भूमिका सामने नहीं आने की बात कही गई है. पुलिस उसके खिलाफ कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की तैयारी कर रही है.
पूछताछ के लिए 200 सवाल
सुब्रत से पूछताछ के लिए पुलिस की छह सदस्यीय टीम ने करीब 200 सवाल तैयार किए थे. थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी और विवेचक समेत पुलिसकर्मियों की टीम ने हत्या से पहले आरोपियों के संपर्क, मोबाइल लोकेशन, बातचीत और पैसों के लेनदेन से जुड़े सवाल शामिल किए थे.
इसके अलावा फ्लैट में आरोपियों के आने-जाने और वारदात के बाद की गतिविधियों को लेकर भी पूछताछ की गई.
विशाल के बयान से बदली जांच
पुलिस के मुताबिक, रिमांड के दौरान विशाल के बयान ने मामले की जांच की दिशा बदल दी. गिरफ्तारी के समय विशाल ने शालू का नाम लेते हुए हत्या के बदले छह लाख रुपये मिलने की बात कही थी.
बाद में पूछताछ के दौरान उसने बताया कि हत्या के लिए उसे छह लाख रुपये देने की बात सुब्रत ने कही थी. इसके बाद पुलिस ने सुब्रत को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की, जिसमें देर रात उसने पिता की हत्या कराने की बात स्वीकार की.


