कानपुर में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर कांग्रेस के सवालों पर भाजपा नेताओं ने प्रतिक्रिया दी. प्रमिला पांडेय और स्वप्निल वरुण ने आयोग के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए अपनी बात रखी.
कानपुर. निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच भाजपा नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है. सोमवार को पत्रकार वार्ता में कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर किसी दल को आपत्ति है तो उसे तथ्यों के साथ लोकतांत्रिक और न्यायिक मंचों पर अपनी बात रखनी चाहिए.
प्रमिला पांडेय ने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना भी सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है. उन्होंने चुनाव में हार-जीत को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा कि चुनाव परिणाम के बाद निर्वाचन आयोग और अन्य संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के साथ राजनीतिक दलों को अपने संगठन और रणनीति की भी समीक्षा करनी चाहिए.
आयोग के स्पष्टीकरण का हवाला
महापौर ने 26 सितंबर को निर्वाचन आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण का उल्लेख किया. आयोग ने कहा था कि SIR से जुड़े आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी से जारी किए गए थे. आयोग ने यह भी स्पष्ट किया था कि कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र किसी नीतिगत या आईटी संबंधी निर्णय से जुड़े नहीं थे, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी की कार्यप्रणाली से संबंधित थे.
जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने भी कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर उठे विवाद पर आयोग के स्पष्टीकरण का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय आयोग की ओर से सामने रखी गई जानकारी को भी देखा जाना चाहिए.
फॉर्म-6 पर भी चर्चा
स्वप्निल वरुण ने मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 को लेकर उठे सवालों का भी जिक्र किया. निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को कहा था कि SIR के दौरान फॉर्म-6 से जुड़े प्रावधानों को लेकर उच्चतम न्यायालय की स्थिति को ध्यान में रखा गया है और SIR अवधि के बाहर नियमों के तहत निर्धारित फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा.
स्वप्निल वरुण के मुताबिक, पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए दूरदराज क्षेत्रों, मजदूरों और बेघर नागरिकों तक पहुंचने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है.
भाजपा नेताओं ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर किसी भी पक्ष को आपत्ति होने पर निर्धारित कानूनी और लोकतांत्रिक माध्यमों का इस्तेमाल किया जा सकता है. कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों और उसके पक्ष में प्रस्तुत तथ्यों पर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों और सक्षम संस्थाओं के निर्णय से स्पष्ट होगी. पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा भी मौजूद रहे.


