करनाल के डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने मानसून को देखते हुए यमुना तटबंधों और ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ बचाव के निर्देश दिए हैं।

सुमन चौहान, करनाल। मानसून सीजन के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए करनाल प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने शनिवार को यमुना तटबंध क्षेत्रों और विभिन्न ड्रेन का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गांव दिलावरा, कुंडाकलां, शेरगढ़ टापू और मैन मती ड्रेन का दौरा किया। डीसी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून आने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यमुना किनारे बसे गांवों और वहां की कृषि भूमि को कटाव एवं बाढ़ से बचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

तटबंध मजबूती पर विशेष ध्यान

निरीक्षण के दौरान डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने अधिकारियों को तटबंधों को मजबूत बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहां भी स्टड लगाने का कार्य चल रहा है या प्रस्तावित है, उसे तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। कार्य की गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यमुना के जलस्तर में वृद्धि होने पर तटबंध सुरक्षित रहें और आस-पास की आबादी को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों को इन निर्माण कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करने के लिए भी निर्देशित किया गया है ताकि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन हो सके।

संवेदनशील पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी

डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने सभी चिन्हित संवेदनशील पॉइंट्स पर निरंतर निगरानी रखने और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में बचाव कार्य त्वरित होने चाहिए। इस निरीक्षण दौरे के समय एसडीएम देवेंद्र शर्मा, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय, कार्यकारी अभियंता मनोज सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी साथ मौजूद रहे। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सावधानी बरतें। मानसून की चुनौतियों का सामना करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है और निरंतर स्थिति की समीक्षा की जा रही है ताकि जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सके।