करनाल। करनाल में आयोजित बागवानी के पहले मेले में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मेले के आयोजन को किसानों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से कृषि और बागवानी को लेकर बेहतर वातावरण तैयार होता है। मेले में किसान, कृषि वैज्ञानिक और बाजार से जुड़े लोग एक मंच पर आए हैं, जिससे किसानों को आधुनिक तकनीकों और बाजार की जरूरतों की जानकारी मिल सकेगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि बागवानी के क्षेत्र में लगातार नई तकनीकें सामने आ रही हैं। मेले के माध्यम से किसानों को इन तकनीकों के बारे में समझाया और बताया जाएगा कि वे किस तरह इनका इस्तेमाल करके अपनी खेती और उत्पादन को बेहतर कर सकते हैं। साथ ही बाजार की मांग और संभावनाओं को लेकर भी किसानों के साथ चर्चा की जाएगी।
अमेरिका के टैरिफ पर बोले श्याम सिंह राणा
अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ को लेकर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि भारत पहले भी अमेरिका के दबाव और चुनौतियों का सामना कर चुका है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में भी भारत ने परिस्थितियों का सामना किया और देश आगे बढ़ा।
उन्होंने कहा कि भारत 140 करोड़ लोगों का देश है और देश को अपनी जरूरतों और हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने होंगे। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत अपने हिसाब से काम करेगा, अमेरिका के हिसाब से नहीं। उन्होंने कहा कि भारत को अपने देश की बात मजबूती से रखनी है।
फसल खरीद और ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पर क्या बोले मंत्री?
फसलों की खरीद को लेकर कृषि मंत्री ने बताया कि फिलहाल बासमती की 1509 किस्म समेत कुछ अन्य किस्मों की आवक हो रही है। इसके अलावा कुछ फसलें सामान्य श्रेणी में भी आ रही हैं।
उन्होंने बताया कि 22 तारीख को इस संबंध में बैठक हो चुकी है। ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ के तहत करीब 24 लाख एकड़ का रिकॉर्ड सामने आया है, जबकि लगभग 19 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण हो चुका है। बाकी क्षेत्र के किसानों का रिकॉर्ड दर्ज होने का इंतजार है।
कृषि मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो रिकॉर्ड अभी बाकी है, उसे जल्द पूरा कराया जाए। जैसे ही शेष रिकॉर्ड सामने आएगा, उसके बाद खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
चीनी के रेट पर सवाल, मंत्री ने नहीं दिया स्पष्ट जवाब
चीनी के रेट को लेकर पूछे गए सवाल पर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की ओर से कोई खास स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
पंजाब में नशे को लेकर साधु-संतों और सामाजिक संस्थाओं से की अपील
पंजाब चुनाव के संदर्भ में नशे के मुद्दे पर भी कृषि मंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है। उनके मुताबिक समाज के लोगों और साधु-संतों को भी इस मुद्दे पर आगे आकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
श्याम सिंह राणा ने कहा कि पंजाब में साधु-संतों का समाज पर प्रभाव रहा है, लेकिन इसके बावजूद युवा पीढ़ी नशे की ओर बढ़ी। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और इसकी रोकथाम के लिए साधु-संतों तथा सामाजिक संस्थाओं को मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने जोर दिया कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए केवल सरकारी स्तर पर प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के सभी वर्गों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।
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