Dharm Desk : करवाचौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। इस दौरान महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रमा के दर्शन और पूजा करने तक न तो कुछ खाती हैं और न ही पानी पीती हैं। ऐसे में दिनभर प्यास लगना, थकान महसूस होना, सिरदर्द और कमजोरी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। अगर आप भी करवाचौथ का व्रत रखने की तैयारी कर रही हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर इन परेशानियों को कम करने की कोशिश कर सकती हैं।
व्रत से एक दिन पहले से रखें ध्यान
करवाचौथ के दिन प्यास और कमजोरी से बचने के लिए व्रत से एक दिन पहले ही अपनी दिनचर्या और खानपान पर ध्यान देना शुरू कर दें। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में नियमित रूप से पानी पीना बेहतर रहता है। इसके अलावा नारियल पानी, छाछ और पानी से भरपूर फल भी अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं। ध्यान रखें कि व्रत से पहले शरीर में पानी की कमी न होने दें।
सरगी में शामिल करें ये चीजें
करवाचौथ के दिन सरगी का विशेष महत्व होता है। सरगी में ऐसी चीजें शामिल करें, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ हाइड्रेट रखने में भी मदद करें। इसके लिए नारियल पानी, तरबूज, संतरा, सेब और खीरा जैसे विकल्प अच्छे हो सकते हैं। इनके अलावा बादाम, अखरोट और अन्य सूखे मेवे सीमित मात्रा में खा सकती हैं। दूध, दही या हल्का पौष्टिक भोजन भी सरगी का हिस्सा बनाया जा सकता है। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
ज्यादा नमक और मसालेदार खाने से बचें
व्रत से पहले बहुत ज्यादा नमक वाला, तला-भुना और मसालेदार भोजन खाने से बचें। अधिक नमक खाने से प्यास बढ़ सकती है, जबकि भारी और तैलीय भोजन से पेट में भारीपन या एसिडिटी की समस्या हो सकती है। सरगी में भी बहुत ज्यादा नमकीन, चिप्स और तली हुई चीजों के बजाय हल्का और संतुलित भोजन चुनें। चाय और कॉफी का अधिक सेवन करने से भी बचें, खासकर अगर इनके सेवन से आपको बेचैनी या बार-बार पेशाब आने की परेशानी होती है।
धूप और ज्यादा मेहनत से बचें
व्रत वाले दिन कोशिश करें कि ज्यादा देर तक धूप में न रहें। गर्मी, पसीना और शारीरिक मेहनत से शरीर में पानी की कमी का खतरा बढ़ सकता है। घर के जरूरी काम पहले ही निपटा लें और दिनभर आराम करने की कोशिश करें। बहुत ज्यादा व्यायाम, लंबी सैर या थका देने वाले काम करने से बचें। ठंडी और हवादार जगह पर रहना भी आपको राहत दे सकता है।

प्यास लगने पर अपनाएं ये आसान तरीके
निर्जला व्रत के दौरान प्यास लगना स्वाभाविक है। ऐसे में कुछ देर आराम करें, सीधे धूप में जाने से बचें और शरीर को ज्यादा गर्म होने से रोकें। होंठ सूखने पर लिप बाम का इस्तेमाल कर सकती हैं। मुंह सूखने पर कुल्ला करने से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन व्रत के नियमों का ध्यान रखें और पानी निगलने से बचें। याद रखें कि ये उपाय शरीर में पानी की कमी को दूर नहीं करते, केवल असुविधा कम करने में मदद कर सकते हैं।
सेहत को नजरअंदाज न करें
करवाचौथ की परंपरा के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। अगर व्रत के दौरान तेज चक्कर, बेहोशी, भ्रम, बहुत ज्यादा कमजोरी या असामान्य धड़कन जैसी परेशानी हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें। डायबिटीज, किडनी या हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रही महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और नियमित दवाएं लेने वाली महिलाओं को निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

