Lifestyle Desk :- करवाचौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। हालांकि, जो महिलाएं ऑफिस में काम करती हैं, उनके लिए पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए काम करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
घर और ऑफिस की जिम्मेदारियों के बीच व्रत रखना कई बार थकान, सिरदर्द, चक्कर और कमजोरी की वजह भी बन सकता है। ऐसे में अगर आप भी ऑफिस में रहकर करवा चौथ का व्रत रखने वाली हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर दिनभर खुद को सहज रखने की कोशिश कर सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसे आसान टिप्स, जो व्रत के दौरान आपकी मदद कर सकते हैं।
सरगी में शामिल करें पौष्टिक चीजें
करवाचौथ के दिन सरगी का विशेष महत्व होता है। व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाती हैं। अगर आपको इसके बाद पूरे दिन ऑफिस में काम करना है, तो सरगी में ऐसी चीजें शामिल करें, जो शरीर को ऊर्जा देने में मदद करें। इसके लिए दूध, दही, फल, सूखे मेवे, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकती हैं।
सिर्फ मीठी या तली-भुनी चीजें खाने के बजाय संतुलित और पौष्टिक भोजन करना बेहतर रहता है। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। ध्यान रखें कि सरगी में पर्याप्त मात्रा में पानी भी पिएं, ताकि दिन की शुरुआत हाइड्रेटेड रहकर हो सके।
ऑफिस में काम के बीच लें छोटे-छोटे ब्रेक
व्रत के दौरान ऑफिस में लगातार काम करना थकान बढ़ा सकता है। खासकर अगर आपका काम लंबे समय तक कंप्यूटर के सामने बैठकर करने का है, तो बीच-बीच में कुछ मिनट का ब्रेक जरूर लें। अपनी सीट से उठकर थोड़ा टहलें, आंखों को आराम दें और संभव हो तो कुछ देर शांत जगह पर बैठें।हालांकि, व्रत के दौरान कमजोरी महसूस होने पर खुद को जबरदस्ती काम में व्यस्त रखना सही नहीं है। अगर सिर घूमने लगे, बहुत ज्यादा थकान हो या चक्कर आने लगें, तो तुरंत बैठ जाएं और सहकर्मी को इसकी जानकारी दें। जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता लें। अपनी सेहत को नजरअंदाज करके काम पूरा करने का दबाव न बनाएं।
शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने की करें तैयारी
करवा चौथ का व्रत आमतौर पर निर्जला रखा जाता है, यानी इसमें पानी भी नहीं पिया जाता। ऐसे में शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ सकता है, खासकर गर्म मौसम में या ज्यादा भागदौड़ वाले काम के दौरान। इसलिए सरगी के समय पर्याप्त पानी पिएं और व्रत से पहले चाय-कॉफी का अधिक सेवन करने से बचें, क्योंकि कैफीन कुछ लोगों में बेचैनी या बार-बार पेशाब आने की समस्या बढ़ा सकता है।
ऑफिस जाते समय कोशिश करें कि ज्यादा शारीरिक मेहनत वाले काम कम रखें। जहां संभव हो, लिफ्ट का इस्तेमाल करें और तेज धूप में निकलने से बचें। ध्यान रखें कि पानी की कमी से बचने के लिए सिर्फ सरगी के समय पानी पीना हर किसी के लिए पर्याप्त नहीं होता। अगर आपको पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

काम का दबाव कम रखें और पूरी नींद लें
व्रत वाले दिन ऑफिस में काम का बोझ कम रखने की कोशिश करें। जरूरी काम पहले निपटा लें और संभव हो तो मीटिंग या अधिक मेहनत वाले कामों की योजना पहले से बना लें। इससे दिनभर की भागदौड़ कम होगी और आप व्रत के दौरान बेहतर महसूस कर सकती हैं।
इसके अलावा, करवा चौथ से एक रात पहले पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। देर रात तक जागने से बचें, क्योंकि नींद पूरी न होने पर थकान, चिड़चिड़ापन और सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है। शाम को ऑफिस से लौटने के बाद भी खुद को बहुत ज्यादा थकाने से बचें।
सेहत का ध्यान रखना भी है जरूरी
करवा चौथ आस्था और परंपरा से जुड़ा त्योहार है, लेकिन व्रत के दौरान अपनी सेहत का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है। अगर आपको डायबिटीज, किडनी की बीमारी, बार-बार चक्कर आने या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की शिकायत है, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी बिना चिकित्सकीय सलाह के निर्जला व्रत नहीं रखना चाहिए।
व्रत खोलते समय धीरे-धीरे पानी पिएं और हल्का, संतुलित भोजन करें। बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन एक साथ खाने से बचें। याद रखें, व्रत के दौरान तेज कमजोरी, बेहोशी, भ्रम या गंभीर चक्कर आने पर इसे जारी रखने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। थोड़ी-सी सावधानी और सही तैयारी के साथ आप अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए त्योहार मना सकती हैं।

