Lifestyle Desk – सर्दियों का मौसम शुरू होते ही लोग अलमारी में रखे कंबल, रजाई और गर्म गद्दे निकालने लगते हैं। कई महीनों तक बंद जगह में रखे रहने के कारण इनसे अजीब सी गंध आने लगती है। कभी-कभी बिस्तर में सीलन महसूस होती है, तो कहीं धूल और छोटे-छोटे कण जमा हो जाते हैं। ऐसे में बिना सफाई किए सीधे कंबल या रजाई ओढ़ना परेशानी का कारण बन सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें धूल से एलर्जी होती है।

दरअसल, कपड़ों और बिस्तर को लंबे समय तक नमी वाली जगह पर रखने से उनमें फफूंद पनपने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सर्दियां शुरू होने से पहले गर्म बिस्तर को साफ करना और अच्छी तरह सुखाना जरूरी है। कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप कंबल और रजाई को दोबारा इस्तेमाल के लिए तैयार कर सकते हैं।

सबसे पहले कंबल-रजाई को धूप दिखाएं

अलमारी से कंबल और रजाई निकालने के बाद सबसे पहले उन्हें खुली हवा और धूप में रखें। इन्हें किसी साफ जगह पर फैलाएं, ताकि हवा कपड़े के सभी हिस्सों तक पहुंच सके। बीच-बीच में पलटते रहें, जिससे दोनों तरफ अच्छी तरह हवा लग सके।धूप और हवा से जमा हुई हल्की सी बासी गंध कम करने और नमी दूर करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, केवल धूप दिखाने से हर तरह के बैक्टीरिया या फफूंद खत्म होने की गारंटी नहीं होती। अगर बिस्तर पर फफूंद के निशान या लगातार तेज बदबू है, तो उसकी उचित सफाई जरूरी है।

इस्तेमाल से पहले धूल अच्छी तरह हटाएं

कई महीनों तक अलमारी में रखे रहने के कारण कंबल और रजाई पर धूल जम सकती है। इन्हें बाहर किसी साफ जगह पर फैलाकर हल्के हाथों से झाड़ें। ऐसा करते समय नाक और मुंह को ढककर रखें, ताकि धूल के कण सांस के साथ अंदर न जाएं। अगर आपको धूल से एलर्जी या सांस संबंधी परेशानी है, तो किसी दूसरे व्यक्ति से यह काम करवाना बेहतर होगा। मोटे गद्दों और ऐसे बिस्तर, जिन्हें धोना संभव नहीं है, उनकी सफाई के लिए उपयुक्त वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे सतह पर मौजूद धूल और बारीक कण हटाने में मदद मिलती है।

धोने से पहले कपड़े का लेबल जरूर देखें

हर कंबल और रजाई को एक ही तरीके से नहीं धोया जा सकता। कुछ हल्के कंबल घर पर धुल जाते हैं, जबकि भारी रजाई, ऊनी कंबल और खास भराव वाले बिस्तर के लिए विशेष सफाई की जरूरत हो सकती है।धुलाई से पहले निर्माता के निर्देश पढ़ें। अगर मशीन में धोने की अनुमति है, तो कपड़े के अनुसार सही पानी का तापमान और उपयुक्त डिटर्जेंट चुनें। मशीन की क्षमता से अधिक भारी बिस्तर उसमें न डालें। जरूरत पड़ने पर पेशेवर धुलाई सेवा का इस्तेमाल करें।

बदबू दूर करने के लिए पूरी तरह सुखाना जरूरी

कंबल और रजाई में बदबू आने की एक वजह नमी भी हो सकती है। अगर इन्हें धोने के बाद ठीक से नहीं सुखाया गया, तो गंध दोबारा आ सकती है और फफूंद पनपने का खतरा बढ़ सकता है।धुले हुए बिस्तर को अच्छी हवा वाली जगह पर सुखाएं। मोटी रजाई को केवल ऊपर से सूखा देखकर अलमारी में न रखें, क्योंकि अंदर का भराव नम रह सकता है। इस्तेमाल करने या रखने से पहले सुनिश्चित करें कि कपड़ा और उसका अंदरूनी हिस्सा पूरी तरह सूखा हो।अगर बिना धोए बिस्तर से हल्की बासी गंध आ रही है, तो उसे कुछ समय खुली हवा में रखने से मदद मिल सकती है। लेकिन तेज बदबू, नमी या फफूंद के निशान बने रहें, तो सिर्फ खुशबूदार स्प्रे का इस्तेमाल करके गंध छिपाने के बजाय सफाई करवाएं।

अलमारी की भी करें अच्छी तरह सफाई

कंबल-रजाई की सफाई के साथ उस अलमारी को साफ करना भी जरूरी है, जिसमें इन्हें रखा गया था। सबसे पहले अलमारी से बाकी सामान निकालें और सूखे कपड़े से धूल साफ करें। जरूरत होने पर उपयुक्त सफाई वाले कपड़े से सतह पोंछें और अलमारी का दरवाजा खुला रखकर उसे पूरी तरह सूखने दें।अलमारी में नमी या फफूंद के निशान दिखाई दें, तो उनकी वजह पता करें। दीवार से पानी का रिसाव या कमरे में अधिक नमी होने पर पहले उसका समाधान करना जरूरी है। केवल सुगंधित पदार्थ रखने से सीलन की समस्या दूर नहीं होगी।

अगली सर्दी के लिए ऐसे रखें कंबल और रजाई

सर्दियों के बाद गर्म बिस्तर को दोबारा रखने से पहले उसकी सफाई और सुखाने पर ध्यान दें। इसके बाद कुछ सावधानियां अपनाएं।

  1. कंबल और रजाई को पूरी तरह सूखने के बाद ही रखें।
  2. साफ और सूखे कपड़े के भंडारण बैग का इस्तेमाल करें।
  3. अलमारी में हवा आने-जाने की व्यवस्था बनाए रखें।
  4. नम दीवार या फर्श के सीधे संपर्क में बिस्तर न रखें।
  5. लंबे समय तक बंद रखने के दौरान बीच-बीच में जांच करें कि कहीं नमी या फफूंद तो नहीं लग रही।
  6. तेज खुशबू वाले पदार्थों का इस्तेमाल सीमित रखें, खासकर अगर घर में किसी को एलर्जी या सांस की परेशानी हो।

क्या बदबूदार कंबल ओढ़ने से हो सकती है परेशानी?

बासी गंध का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि कंबल में हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद हैं। लेकिन अगर गंध के साथ नमी, फफूंद या दिखाई देने वाले धब्बे भी हैं, तो बिस्तर को बिना सफाई किए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। फफूंद के कण कुछ लोगों में छींक, नाक बहने, आंखों में जलन या सांस संबंधी लक्षण बढ़ा सकते हैं। अगर बिस्तर में फफूंद लगी हो, तो उसे घर के अंदर जोर से झाड़ने से बचें। सफाई के दौरान धूल और फफूंद के कण फैल सकते हैं। ऐसे बिस्तर की सामग्री के अनुसार उचित सफाई करवाएं और जरूरत पड़ने पर उसे बदलने पर विचार करें।