Lifestyle Desk- नवरात्रि के व्रत में लंबे समय तक बिना कुछ खाए रहने या खान-पान सीमित हो जाने की वजह से कई लोगों को थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में जरूरी है कि व्रत के दौरान ऐसा खाना खाया जाए जो पेट को भरने के साथ शरीर को पर्याप्त ऊर्जा भी दे। अगर आप भी व्रत में रोज-रोज फल, साबूदाना या आलू खाकर बोर हो गए हैं तो इस बार मखाने से बनी स्वादिष्ट टिक्की बनाकर देख सकते हैं।मखाना व्रत के दौरान खाए जाने वाले लोकप्रिय खाद्य पदार्थों में से एक है। इसमें कार्बोहाइड्रेट के साथ कुछ मात्रा में प्रोटीन और खनिज तत्व भी पाए जाते हैं। इसे हल्का भूनकर खाने के अलावा इससे टिक्की भी बनाई जा सकती है।तो आइये जानते हैं मखाना टिक्की बनाने की रेसिपी।

सामग्री

मखाना-2 कप
आलू-2 उबले हुए
हरी मिर्च-2 बारीक कटी हुई
थोड़ा सा हरा धनिया
जीरा-आधा चम्मच
काली मिर्च पाउडर-आधा चम्मच
सेंधा नमक- स्वादानुसार
घी-1 से 2 चम्मच
जरूरत के अनुसार थोड़ा सा कुट्टू या सिंघाड़े का आटा

विधि

1-सबसे पहले एक कड़ाही गर्म करके उसमें मखाने डालें और धीमी आंच पर उन्हें अच्छी तरह भून लें। मखाने कुरकुरे हो जाएं तो गैस बंद कर दें और उन्हें ठंडा होने दें। 2-अब भुने हुए मखानों को हाथ से हल्का तोड़ लें या दरदरा पीस लें। इन्हें बिल्कुल बारीक पाउडर बनाने की जरूरत नहीं है।
3-अब एक बड़े बर्तन में उबले हुए आलू मैश करें। इसमें दरदरे पिसे मखाने, हरी मिर्च, हरा धनिया, जीरा, काली मिर्च और सेंधा नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें।
4-मिश्रण अगर ज्यादा नरम लग रहा हो तो इसमें थोड़ा सा कुट्टू या सिंघाड़े का आटा मिला सकते हैं।
5-अब इस मिश्रण की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें हथेली से दबाते हुए टिक्की का आकार दें। ध्यान रखें कि टिक्की बहुत मोटी न हो, वरना अंदर से अच्छी तरह नहीं सिकेगी।
6-इसके बाद तवे पर थोड़ा सा घी गर्म करें और टिक्कियों को मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंकें। टिक्की को पलटते समय जल्दबाजी न करें, वरना वह टूट सकती है। जब दोनों तरफ से अच्छी तरह सिक जाए तो इसे प्लेट में निकाल लें।
7-मखाना टिक्की को व्रत वाली हरी चटनी, दही या घर पर बनी धनिया-पुदीने की चटनी के साथ खाया जा सकता है। अगर आप इसे नाश्ते में खा रहे हैं तो इसके साथ एक कटोरी दही लेने से भोजन ज्यादा संतोषजनक हो सकता है।

व्रत में कितनी मात्रा ठीक है?

मखाना टिक्की पौष्टिक सामग्री से तैयार होती है, लेकिन इसे बहुत ज्यादा मात्रा में खाने की जरूरत नहीं है। व्रत में भोजन की मात्रा आपकी उम्र, दिनभर की गतिविधि और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। खासकर जिन लोगों को मधुमेह या दूसरी स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, उन्हें व्रत के दौरान अपने खान-पान को लेकर डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।