मेरठ के केसरगंज मस्जिद विवाद में पुलिस ने पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के भाई राशिद अखलाक और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक 29 सितंबर को बिना अनुमति जुलूस निकालने और नारेबाजी के मामले में वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई.

मेरठ. कोतवाली क्षेत्र में स्थित केसरगंज मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में पुलिस ने पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के भाई और बीएसपी के पूर्व प्रत्याशी राशिद अखलाक समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर को लागू निषेधाज्ञा के बीच बिना अनुमति जुलूस निकालने और नारेबाजी करने के मामले में यह कार्रवाई की गई है.

पुलिस ने कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक शुभम सेंगर की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई है.

कैसे शुरू हुआ विवाद

केसरगंज मस्जिद को लेकर विवाद उस समय सामने आया, जब हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी और उत्तराखंड प्रभारी ललित शर्मा का एक वीडियो सामने आया. इसमें केसरगंज मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किए जाने की बात सामने आई थी.

इस बयान का AIMIM और राशिद अखलाक की ओर से विरोध किया गया. इसके बाद राशिद अखलाक का भी एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह इस ऐलान का विरोध करते दिखाई दिए.

जुलूस को लेकर शिकायत

हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्होंने प्रेसवार्ता की थी. इस दौरान उन्होंने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया और राशिद अखलाक के नेतृत्व में कथित तौर पर निकाले गए जुलूस के वीडियो का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की थी.

पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर को राशिद अखलाक ने कथित तौर पर 40 से 50 समर्थकों के साथ बिना अनुमति जुलूस निकाला और नारेबाजी की. इसी मामले में उपनिरीक्षक शुभम सेंगर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है.

वीडियो से होगी पहचान

सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने कहा कि केसरगंज क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि बिना प्रशासनिक अनुमति भीड़ जुटाकर जुलूस निकालने और नारेबाजी के मामले में वायरल वीडियो के आधार पर राशिद अखलाक और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

पुलिस वीडियो फुटेज के जरिए जुलूस में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

संवेदनशील इलाके में निगरानी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि केसरगंज मस्जिद प्रकरण से जुड़े दोनों पक्षों की गतिविधियों और सोशल मीडिया पर लगातार नजर रखी जा रही है. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर सतर्कता बढ़ाई गई है.

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति प्रदर्शन, कानून हाथ में लेने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.