Dharm Desk – ग्रहों के राजा ‘सूर्य’ और राजकुमार ‘बुध’ का यह अद्भुत संगम तीन प्रमुख राशियों के लिए एक बड़ा वरदान साबित होने जा रहा है । वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, पिता, मान-सम्मान, नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमता का कारक माना जाता है। 17 सितंबर को सुबह 7:53 बजे सूर्य अपनी स्वराशि सिंह को छोड़कर अपने मित्र ग्रह बुध के स्वामित्व वाली कन्या राशि में प्रवेश कर गए है । ज्योतिष शास्त्र में इस महत्त्वपूर्ण खगोलीय घटना को ‘कन्या संक्रांति’ के नाम से जाना जाता है।

सूर्य का यह गोचर अगले 30 दिनों तक कन्या राशि में बना रहेगा। इस अवधि के दौरान सूर्य की असीम ऊर्जा और चमक का संगम बुध की कुशाग्र व तीक्ष्ण बुद्धि के साथ होने जा रहा है। कन्या राशि में सूर्य और बुध की इस युति से बेहद शुभ ‘बुधादित्य राजयोग’ का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, सूर्य और बुध की शक्तिशाली जोड़ी मुख्य रूप से 3 राशियों के भाग्य के द्वार खोलने जा रही है।

कन्या राशि : सूर्य का यह गोचर इसी राशि में हुआ है। अगले 30 दिनों में कन्या राशि के जातकों के आत्म विश्वास और नेतृत्व क्षमता में जबरदस्त इजाफा देखने को मिलेगा। जो लोग लंबे समय से करियर में तरक्की या कारोबार में विस्तार का इंतजार कर रहे थे। उनके लिए यह सयम बेहद अनुकूल रहेगा। प्रशासनिक व सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के प्रबल योग हैं।

सिंह राशि : सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्यदेव है। कन्या राशि में प्रवेश करते ही सूर्य आपके वाणी और धन भाव को प्रभावित करेंगे । इस दौरान आपकी कार्यशैली में निखार आएगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आपकी तीक्ष्ण बुद्धि और संवाद शैली से रुके हुए काम पूरे होंगे। पारिवारिक जीवन में सहयोग और मान-सम्मान में वृद्धि होगी ।

मकर राशि : मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य और बुध का यह गोचर भाग्य भाव में हो रहा है । इसके प्रभाव से आपको किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। लंबे समय से अटकी बड़ी योजनाएं फिर से शुरू होंगी और धार्मिक व मांगलिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति के साथ-साथ विदेश यात्रा या नए अवसरों का लाभ मिल सकता है।

बुधादित्य योग का प्रभाव

ज्योतिषशास्त्रियों के अनुसार, सूर्य जहां व्यक्ति को समाज में पहचान और प्रतिष्ठा दिलाते हैं। वहीं बुध व्यावहारिक समझ और तुरंत निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करते हैं। कन्या एक व्यावहारिक और विश्लेषणात्मक राशि है, इसलिए इस दौरान योजनाबद्ध तरीके से किए गए कामों में शत-प्रतिशत सफलता की संभावना रहेगी। सूर्यदेव के इस गोचर के दौरान सूर्यदेव की पूजा, जल अर्पित करना और हरी वस्तुओं का दान करना सभी जातकों के लिए लाभ देने का होगा। आने वाले सूर्य-बुध का यह संगम कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा।