Kiren Rijiju Attack On Naseeruddin Shah Over Dimagi Naxal Statement: खुद को दिमागी नक्शल बताने वाले बयान को लेकर मशहूर एक्टर नसीरुद्दीन शाह इन दिनों सुर्खियों में है। लेजेंडरी एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने हालिया वीडियो में खुद को डंके की चोट पर दिमागी नक्सल कहा था। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी तीखा तंज कसा था। खुद को ‘दिमागी नक्शल’ बताने वाले बयान पर किरेन रिजिजू ने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘मेंटल क्रिमिनल’ (Mental Criminal) करार दिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे नसीरुद्दीन शाह और उनकी एक्टिंग को पसंद करते थे। हालांकि उनका असली चरित्र बहुत देर से पता चला। रिजिजू ने ऐसे विचारधारा वाले लोगों को लोकतंत्र के लिए खतरा भी बताया।
बता दें कि 28 अक्टूबर को वीडियो जारी कर नसीरुद्दीन शाह ने खुद को ‘दिमागी नक्शल’ कहा था। उन्होंने कहा था कि मैं फक्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। अब नसीरुद्दीन शाह के इस वीडियो पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रिएक्ट किया है।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वे नसीरुद्दीन शाह को पसंद करते थे, लेकिन उनका असली चरित्र उन्हें देरी से पता चला है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता था कि नसीरुद्दीन शाह एक ऑर्डिनरी एक्टर हैं। मैं उनका सम्मान करता था और उन्हें पसंद भी करता था। मुझे कभी पता ही नहीं था कि उनकी सोच दिमागी नक्सली जैसी है। मैं तो उन्हें बस एक कलाकार मानता था। वह एक अच्छे और भले कलाकार लगते थे, इसलिए मैंने उन्हें हमेशा एक कलाकार के तौर पर ही देखा, लेकिन पता चला कि वह तो खुद ही एक दिमागी नक्सली हैं। ऐसे लोग ‘मेंटल क्रिमिनल’ हैं और किरेन रिजिजू ने नसीरुद्दीन शाह को ‘मेंटल क्रिमिनल’ करार दिया, खुद को ‘दिमागी नक्शल’ बताने पर बोले- ऐसे लोग लोकतंत्र के लिए खतरा है।
नसीरुद्दीन शाह ने क्या कहा था?
विगत मंगलवार (28 अक्टूबर) को एक्टर ने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर कर कहा था- मैं फक्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब (उपनाम) दिए हैं, मुझे जैसे लोगों को। एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या बोला. टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है।
मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं. और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे?”
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