संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
राज्यसभा में पेश होगा वंदे मातरम् बिल
इस बार संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ‘वंदे मातरम् बिल’ पेश किया जाएगा। राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक के तहत राष्ट्रीय गीत का अपमान करने या इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने पर 3 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान (‘जन गण मन’) के समान कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके पारित हो जाने के बाद वंदे मातरम् के गायन में व्यवधान डालना भी एक दंडनीय अपराध बन जाएगा।
बागी सांसदों के मीटिंग में बुलाने का विरोध
बता दें कि, सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने TMC के बागी 20 सांसदों के गुट को बुलाए जाने पर नाराजगी जताई थी। विपक्ष ने सवाल किया कि, बागियों को बैठक में क्यों बुलाया गया जबकि स्पीकर ओम बिरला ने उनके गुट को अभी तक मान्यता नहीं दी है। इसे लेकर विपक्ष ने वाकआउट भी कर दिया था। हालांकि, थोड़ी देर के वाकआउट के बाद विपक्षी सांसद दोबारा मीटिंग में शामिल हुए। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी।
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