विजय कुमार, जमुई। कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से क्रम संख्या 14 के निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने जमुई जिले में मतदाताओं से जनसंपर्क के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चुनाव केवल सरकार बनाने का नहीं, बल्कि कोसी क्षेत्र की तकदीर और तस्वीर बदलने का है। उन्होंने कहा, जनता मुझे फूलों की माला नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं की माला पहनाए, ताकि मैं उनके हक के लिए सदन से सड़क तक संघर्ष कर सकूं। डॉ. संजीव कुमार ने आगामी 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान में युवाओं से बदलाव के पक्ष में एकजुट होने का आह्वान किया।
बेरोजगार स्नातकों को मिले आजीवन पेंशन
डॉ. संजीव कुमार ने बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि जब स्नातक मतदाताओं के वोटों से जीतकर जाने वाले विधान पार्षदों को पेंशन मिल सकती है, तो बेरोजगार स्नातकों को आजीवन पेंशन क्यों नहीं मिलनी चाहिए? उन्होंने अनुकंपा के आधार पर होने वाली नियुक्तियों को छह माह के भीतर पूरा करने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने वित्तरहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को स्थायी वेतनमान देने तथा आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, आशा कार्यकर्ताओं और जीविका दीदियों के लिए उचित मानदेय और वेतनमान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
समान शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की वकालत
शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि एक ही देश में शिक्षा की दोहरी व्यवस्था नहीं चल सकती; देश में समान शिक्षा नीति लागू होनी चाहिए। अधिवक्ताओं की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने वकालतखानों में पक्के भवन, पुस्तकालय और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर चिंता व्यक्त की। बीपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलनों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने महिला, सड़क और छात्र सुरक्षा को विकास की पहली शर्त बताया।
जनता ही मेरी असली नेता
डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि उनका नेता कोई मंत्री या राजनीतिक दल नहीं, बल्कि उन्हें विधान परिषद भेजने वाला हर एक मतदाता होगा। वे वोट की राजनीति करने नहीं, बल्कि कोसी में बदलाव की राजनीति करने आए हैं। जनहित के मुद्दों के लिए धरना-प्रदर्शन और संघर्ष करने से वे कभी पीछे नहीं हटेंगे।

