चंडीगढ़: हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी की गांव बिठमड़ा में कथित टिप्पणी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नीले गमछे को लेकर दिए गए बयान पर बहुजन और दलित समाज के विभिन्न संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। विरोध जता रहे नेताओं ने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
यह विवाद 20 अक्टूबर 2026 को हिसार जिले के गांव बिठमड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री की कथित टिप्पणी से जुड़ा है। आरोप है कि मंत्री ने नीला गमछा पहनने वाले लोगों को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की थी। इस मामले को लेकर सामाजिक संगठनों के नेताओं में नाराजगी है और उन्होंने इसे बहुजन समाज की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया है।
नीले रंग को बाबा साहेब के विचारों से जोड़कर जताया विरोध
बहुजन समाज के नेताओं का कहना है कि नीला रंग उनके लिए महज एक रंग नहीं, बल्कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों, समानता और संवैधानिक अधिकारों का प्रतीक है। ऐसे में सार्वजनिक पद पर बैठे किसी जनप्रतिनिधि की ओर से नीले गमछे को लेकर की गई कथित टिप्पणी समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है।
विरोध कर रहे संगठनों ने मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और मंत्री सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए माफी मांगें।
भीम आर्मी ने मुख्यमंत्री से की कार्रवाई की मांग
भीम आर्मी भारत एकता मिशन के प्रदेश महासचिव एडवोकेट संतलाल अंबेडकर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवानी चाहिए, ताकि समाज में पैदा हुई नाराजगी को दूर किया जा सके।
वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण जमालपुर और प्रदेश महासचिव रतिराम ने भी कथित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बसपा नेताओं ने इसे अमर्यादित बताते हुए विरोध प्रदर्शन करने और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विवाद पर मंत्री की सफाई भी आई सामने
दूसरी ओर, विवाद के बीच मंत्री कृष्ण बेदी ने अपने अन्य बयानों में कहा है कि कुछ लोग अफवाहें फैलाकर और महापुरुषों पर टीका-टिप्पणी करके समाज में आपसी भाईचारा बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर चलना रहा है।
हालांकि, मंत्री के इस पक्ष के बावजूद संगठनों का विरोध जारी है। उनकी मांग है कि कथित टिप्पणी को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए और समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए।
अब सबकी नजर आगे की कार्रवाई पर
इस पूरे मामले में अब राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। एक तरफ बहुजन संगठनों ने सार्वजनिक माफी और कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है, वहीं मंत्री की ओर से समाज में भाईचारा बनाए रखने की बात कही गई है। फिलहाल, यह विवाद हरियाणा की राजनीति और सामाजिक संगठनों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
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