Kuldeep Sharma Nayab Saini Meeting : चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में इन दिनों एक मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है। पंचकूला में आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मेलन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ चाय पीते नजर आए। दोनों नेताओं के बीच हुई इस सहज मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

खास बात यह है कि कुलदीप शर्मा इन दिनों कांग्रेस के भीतर अपने बयानों और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ मतभेदों को लेकर चर्चा में हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के साथ उनकी चाय पर हुई बातचीत को राजनीतिक नजरिये से देखा जा रहा है।

नायब सैनी और कुलदीप शर्मा की चाय पर मुलाकात ने बढ़ाई चर्चा

पंचकूला में हरियाणा विधानसभा की ओर से सोमवार को जनप्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसमें प्रदेश के पूर्व और मौजूदा जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान कुलदीप शर्मा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक साथ बैठकर चाय पीते और बातचीत करते दिखाई दिए।

दोनों नेताओं के बीच बातचीत का अंदाज काफी सहज था। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर किसी राजनीतिक फैसले या नए समीकरण की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसकी तस्वीर ने सियासी हलचल जरूर बढ़ा दी है।

हुड्डा परिवार से मतभेद के बीच चर्चा में हैं कुलदीप शर्मा

कुलदीप शर्मा का नाम पिछले कुछ समय से कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में चर्चा में है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ उनके मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आ चुके हैं।

कुलदीप शर्मा अपने बेटे चाणक्य पंडित के लिए करनाल लोकसभा सीट से कांग्रेस का टिकट चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बाद से उनके राजनीतिक रुख और बयानों को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं।

उनके पारिवारिक रिश्ते भी हरियाणा की राजनीति से जुड़े हैं। कुलदीप शर्मा के समधी पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा और समधन विधायक शक्ति रानी शर्मा भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। वहीं, विनोद शर्मा के बेटे कार्तिकेय शर्मा भाजपा के समर्थन से राज्यसभा सदस्य बने थे।

ओम बिरला और हुड्डा ने थामा रामबिलास शर्मा का हाथ

सम्मेलन में एक और तस्वीर ने लोगों का ध्यान खींचा। पूर्व शिक्षा मंत्री प्रोफेसर रामबिलास शर्मा व्हीलचेयर पर बैठे थे। इसी दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला उनका हालचाल जानने पहुंचे।

रामबिलास शर्मा ने ओम बिरला को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। कुछ देर बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी वहां पहुंच गए। इसके बाद ओम बिरला और हुड्डा दोनों ने रामबिलास शर्मा के हाथ थामे। तीनों नेताओं की यह तस्वीर राजनीतिक मतभेदों के बीच आपसी सम्मान और सौहार्द का संदेश देती नजर आई।

इस मुलाकात की एक पुरानी राजनीतिक पृष्ठभूमि भी है। जींद विधानसभा उपचुनाव के दौरान कांग्रेस ने रणदीप सिंह सुरजेवाला को उम्मीदवार बनाया था। उस समय रामबिलास शर्मा की हुड्डा से हुई बातचीत भी काफी चर्चित रही थी।

जनप्रतिनिधि सम्मेलन में जुटे पुराने और नए चेहरे

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण के निर्देशन में आयोजित इस सम्मेलन में वर्ष 1966 में हरियाणा के गठन के बाद से अब तक के पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

कार्यक्रम का मकसद पुराने जनप्रतिनिधियों के अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और प्रदेश की राजनीतिक यात्रा पर चर्चा करना था।

सम्मेलन में इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला दिखाई नहीं दिए। हालांकि, उनके बेटे और विधायक अर्जुन चौटाला के साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला कार्यक्रम में शामिल हुए।

कुल मिलाकर सम्मेलन में नेताओं के बीच हुई मुलाकातें और एक-दूसरे के प्रति दिखाया गया सम्मान राजनीतिक चर्चाओं का प्रमुख हिस्सा बना रहा।

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