हरियाणा की वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने 192 करोड़ रुपये के 14 प्रोजेक्ट्स के फाइलों में दबे होने और बजट खर्च न कर पाने को सरकार की बड़ी प्रशासनिक विफलता बताया है।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस की दिग्गज नेता कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षा विभाग के ₹192 करोड़ के 14 प्रोजेक्ट (Projects) सालों से फाइलों में धूल फांक रहे हैं। उन्होंने इसे एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही करार दिया है। सैलजा के अनुसार, एक तरफ सरकार ‘स्मार्ट स्कूल’ के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि स्कूलों में न तो सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लग पाए और न ही छात्रों को जरूरी डेटा सिम मिल सके।

बजट लैप्स होने पर उठाए सवाल

कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये का बजट बिना इस्तेमाल हुए लैप्स (Lapse) होना यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकता में बच्चों का भविष्य नहीं, बल्कि केवल अपना प्रचार है। उन्होंने कहा कि आज भी प्रदेश के कई स्कूल डबल शिफ्ट (Double Shift) में चलने को मजबूर हैं, जिससे बुनियादी सुविधाओं की कमी साफ झलकती है। अगर सरकार समय रहते इन योजनाओं को लागू करती, तो आज स्कूलों की तस्वीर कुछ और होती। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है?

जवाबदेही और सुधार की मांग

सैलजा ने मांग की है कि सरकार इस पूरे मामले पर जनता को जवाब दे और लटके हुए प्रोजेक्ट्स को तुरंत पूरा करे। उन्होंने चेतावनी दी कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस खुलासे के बाद अब हरियाणा की सियासत में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है, ताकि आने वाले समय में जवाबदेही तय की जा सके और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।