पटना। राजधानी के फुलवारी शरीफ इलाके में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाते हुए स्थानीय पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने लूटपाट करने वाले एक सक्रिय गिरोह के पांच सदस्यों को धर दबोचा है। इन अपराधियों ने बीते 19 मई की रात को राहगीरों को अपना निशाना बनाया था। पुलिस ने उनके पास से लूटे गए मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं, जिससे कई अन्य मामलों के खुलासे की उम्मीद बढ़ गई है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार यह घटना 19 मई की देर रात की है, जब आईटीबीपी (ITBP) मोड़ के निकट अपराधी घात लगाए बैठे थे। पहली वारदात में बिजली विभाग के अधिकारी राकेश कुमार को निशाना बनाया गया, जो बख्तियारपुर से अपनी ड्यूटी समाप्त कर वापस लौट रहे थे। अपराधियों ने हथियार का भय दिखाकर उनसे मोबाइल और पर्स लूट लिया। इसी क्रम में दूसरी घटना एक मोटरसाइकिल सवार युवक के साथ हुई, जिससे 20,000 रुपये नकद और मोबाइल लूट लिए गए।
विशेष टीम ने की त्वरित कार्रवाई
लगातार दो लूट की वारदातों ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। अपराध की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों से प्राप्त जानकारी के आधार पर जाल बिछाया। गहन छानबीन के बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान आनंद कुमार, रोशन कुमार (उर्फ छोटू), राहुल कुमार (उर्फ लफुआ), सुमित कुमार और विशाल कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला है कि ये सभी आरोपी नौबतपुर के आसपास के गांवों के निवासी हैं।
आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास
फुलवारी शरीफ के पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी (SDPO) सुशील कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने लूटे गए मोबाइल बरामद कर लिए हैं। हालांकि बदमाशों ने लूटी गई मोटरसाइकिल की चाबियां रास्ते में कहीं फेंक दी थीं जिनकी तलाश जारी है।
वहीं फुलवारी शरीफ थाना प्रभारी गुलाम शाहबाज आलम ने बताया कि गिरोह का मुख्य सदस्य आनंद कुमार पहले से ही शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ पटना के गौरीचक और पुनपुन थानों में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इन सभी के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि इनके द्वारा की गई अन्य वारदातों का भी खुलासा किया जा सके। इस गिरफ्तारी से स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन के प्रति राहत की सांस ली है। पुलिस अब इन सभी को रिमांड पर लेने की तैयारी में है ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।

