लखीमपुर खीरी के मथना गांव में शनिवार को खेत से चारा लेने गए बुजुर्ग किसान शिवसागर वर्मा की अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से हत्या कर दी. परिजनों ने जनवरी में मृतक के भाई पर हुए जानलेवा हमले में कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया, जबकि शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय ग्रामीणों ने पुलिस का विरोध किया.

लखीमपुर खीरी. जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित मथना गांव में शनिवार को बुजुर्ग किसान शिवसागर वर्मा की हत्या कर दी गई. वह सुबह अपने खेत में मवेशियों के लिए चारा लेने गए थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे. बाद में ग्रामीणों को सड़क किनारे उनका खून से लथपथ शव मिला, जिसके बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया.

घटना की जानकारी मिलने पर मृतक की बेटी अनीता वर्मा और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे. परिजनों के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार और चाकू से हमला कर शिवसागर वर्मा की जान ले ली. हत्या की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है.

मौके पर पहुंची पुलिस टीम

वारदात की सूचना पर पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग, अपर पुलिस अधीक्षक, सदर कोतवाली पुलिस और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.

घटनास्थल पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस के सामने नाराजगी जताई. उनका आरोप था कि परिवार पहले भी गंभीर हमले की घटना में पुलिस से कार्रवाई की मांग कर चुका था, लेकिन उस मामले में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया.

जनवरी के हमले का मामला

मृतक के भाई सुनील वर्मा ने बताया कि 19 जनवरी 2026 को उन पर भी अज्ञात लोगों ने जानलेवा हमला किया था. इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनका इलाज अब भी जारी है.

सुनील वर्मा के अनुसार, उन्होंने घायल अवस्था में सदर कोतवाली पुलिस से लेकर पुलिस अधीक्षक तक शिकायत की थी. उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद हमलावरों का पता नहीं चला और न ही मामले में प्रभावी कार्रवाई हुई.

परिजनों ने आशंका जताई कि जनवरी में हुए हमले की समय पर जांच और कार्रवाई होती, तो शिवसागर वर्मा की हत्या को शायद रोका जा सकता था. हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

शव ले जाने पर हंगामा

शिवसागर वर्मा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई तो परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध किया. पुलिस और ग्रामीणों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई. आरोप है कि पुलिस परिवार की सहमति के बिना शव को अपने साथ ले गई.

शव ले जा रही वैन और पुलिसकर्मियों को भी ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा. इस दौरान लोगों ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताते हुए हंगामा किया. घटनास्थल पर पहुंचे सदर विधायक योगेश वर्मा ने भी मामले की जानकारी ली.

पुलिस कर रही जांच

सीओ सिटी महक शर्मा ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामले की जांच की जा रही है और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा रहा है. फिलहाल पुलिस हत्या के कारणों और इसमें शामिल लोगों का पता लगाने में जुटी है.