रायपुर। NEWS24 MP-CG और Lalluram.com की ओर से राजधानी रायपुर में GenNext संवाद Youth Award का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की सबसे युवा सरपंच के रूप में पहचान बनाने वाली बेमेतरा जिले के ग्राम बसनी की प्रीति यदु को सम्मानित किया।
उच्च शिक्षित प्रीति राजनीति के क्षेत्र में युवाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी को दर्शाती हैं. उन्होंने नौकरी की जगह ग्रामीण उत्थान को प्राथमिकता में रखा और सामाजिक सरोकारों, जनहित के मुद्दों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। जनसेवा की यात्रा निरंतर आगे बढ़े, गांव और समाज के विकास के नए रास्ते खुले, सकारात्मक सोच और संघर्षशीलता आने वाली पीढ़ियों के लिए आदर्श बने।


88 साल पुराने स्कूल का उन्नयन बना चुनाव का मुख्य मुद्दा
प्रीति यदु के सरपंच बनने के पीछे गांव की शिक्षा व्यवस्था में सुधार का संकल्प एक प्रमुख वजह रहा। ग्राम बसनी में करीब 88 वर्षों से संचालित प्राथमिक शाला को लंबे समय तक मिडिल स्कूल में उन्नत नहीं किया जा सका था। इस समस्या को उन्होंने अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया और ग्रामीण बच्चों की शिक्षा के बेहतर अवसरों के लिए प्रयास शुरू किए। प्रीति यदु के अनुसार, उनके निरंतर प्रयासों के बाद 9 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के अपने प्रथम आगमन के दौरान सार्वजनिक मंच से बसनी के स्कूल को मिडिल स्कूल में उन्नत करने की सौगात दी। यह उपलब्धि उनके लिए गांव के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
परिवार और ग्रामीण परिस्थितियों से मिली नेतृत्व की प्रेरणा
28 नवंबर 2002 को जन्मीं प्रीति यदु जितेंद्र यदु की पुत्री हैं। उन्हें बचपन से ही नेतृत्व करने और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का शौक रहा है। वह अपने नेतृत्व के प्रति रुचि का श्रेय पिता के कार्यों और ग्रामीण परिस्थितियों से मिली सीख को देती हैं। माता-पिता, परिवार और गुरुजनों को वह अपनी प्रेरणा का स्रोत मानती हैं। कम उम्र में ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी संभालना उनके लिए चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ ग्रामीणों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का अवसर भी है। उनका उद्देश्य गांव की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाना और विकास के नए रास्ते तलाशना है।
पढ़ाई के साथ जनसेवा का सफर
प्रीति यदु ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्राम बसनी की प्राथमिक शाला से प्राप्त की। इसके बाद कक्षा 6वीं से 10वीं तक की पढ़ाई मटका में पूरी की और 11वीं-12वीं की शिक्षा जेवरा हायर सेकेंडरी स्कूल से हासिल की। उन्होंने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, बेमेतरा से डीएलएड तथा सृजन प्राइवेट आईटीआई, बेमेतरा से आईटीआई कोपा (COPA) का प्रशिक्षण लिया है। वर्तमान में वह बेमेतरा के पीजी कॉलेज से हिंदी साहित्य में एमए की पढ़ाई कर रही हैं। शिक्षा के प्रति उनकी रुचि और ग्रामीण विकास के लिए सक्रियता यह संदेश देती है कि युवा अपनी पढ़ाई और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाकर भी समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
ग्रामीणों के भरोसे को मानती हैं सबसे बड़ी ताकत
प्रीति यदु ने कम उम्र में उन पर भरोसा जताकर जनसेवा का अवसर देने के लिए ग्रामवासियों और अपने परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि ग्रामीणों का विश्वास ही उन्हें गांव के विकास के लिए निरंतर काम करने की प्रेरणा देता है। उनकी यात्रा इस बात का उदाहरण है कि नेतृत्व के लिए उम्र से अधिक महत्वपूर्ण स्पष्ट उद्देश्य, जनहित के प्रति प्रतिबद्धता और लगातार प्रयास करने का संकल्प है। उम्मीद है कि प्रीति यदु की जनसेवा यात्रा आगे भी जारी रहेगी और उनके प्रयास गांव तथा समाज के विकास में नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगे।
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