Lalluram Desk. ओमान में पकड़े जाने के बाद एक बार फिर महादेव सट्टा एप को बनाने वाला सौरभ चंद्राकर चर्चा में है. सौरभ चंद्राकर को कुछ देर में दिल्ली के सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से ट्रांजिट रिमांड लेकर टीम रायपुर रवाना होगी. यही नहीं दिल्ली से सीबीआई के वरिष्ठ अफसर भी रायपुर पहुंच चुके हैं.
फर्श से अर्थ और फिर फर्श की नई कहानी का नायक सौरभ चंद्राकर है. यह तब ज्यादा सुर्खियों में आया, जब अपने शादी में 200 करोड़ रुपए पानी की तरह बहा दिया. हम आपको बताने जा रहे हैं सौरभ चंद्राकर की वह कहानी, जिसे कोई भी अपने जीवन में उतारने का न सोचे.
सौरभ चंद्राकर की कहानी
सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है. उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे. सौरभ की एक जूस की दुकान भी थी. सौरभ चंद्राकर अपनी जीवन की गाड़ी चलाने के लिए अपने दोस्त रवि उप्पल के साथ सट्टेबाजी का काम करता था. ऑनलाइन सट्टा एप शुरू किया, थोड़े पैसे बने और वह 2019 में वह दुबई में जाकर धंधे को बड़ा करता चला गया. इस बीच उसने अपने इंजीनियर दोस्त रवि उत्पल को भी कारोबार में साथ देने के लिए दुबई बुला लिया.
पारंपरिक तौर पर सट्टा खेलने वालों के साथ-साथ मोबाइल से जुड़ी नई पीढ़ी के लिए यह जल्द पैसा बनाने का अच्छा माध्यम बन गया. यही नहीं पारंपरिक तौर पर सट्टा खिलाने वाले भी इस ऑनलाइन व्यवस्था से जुड़ गए. इस तरह से पहले से बने माहौल के बीच आए महादेव सट्टा एप आते ही एक तरह से छा गया. लोकप्रिय होते ही पैसा सौरभ चंद्राकर और उसके गुर्गों पर पैसा पानी बनकर बरसने लगा.

दुबई में बनाया साम्राज्य
ईडी ने बताया कि सट्टेबाजी के पैसे को खातों में भेजने के लिए बड़े पैमाने पर हवाला ऑपरेशन किए जाते हैं. नए यूजर और फ्रेंचाइजी (पैनल) चाहने वालों को आकर्षित करने के लिए सट्टेबाजी वेबसाइटों के विज्ञापन के लिए भारत में कैस में बड़े पैमाने पर खर्च भी किया जा रहा था. ईडी ने कहा कि सौरभ चंद्राकर और उप्पल ने संयुक्त अरब अमीरात में अपने लिए एक साम्राज्य बनाया.
शादी में खर्च किए 200 करोड़ रुपए
आरोप लगाया गया कि फरवरी 2023 में चंद्राकर ने आरएके, यूएई में शादी की. इस विवाह समारोह के लिए महादेव एपीपी के प्रमोटरों ने लगभग 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए. परिवार के सदस्यों को नागपुर से यूएई तक ले जाने के लिए निजी जेट किराए पर लिए गए थे.
शादी में शामिल हुई थी मशहूर हस्तियां
इस शादी में कई मशहूर हस्तियों शामिल हुई थीं. वेडिंग प्लानर, डांसर, डेकोरेटर आदि को मुंबई से काम पर रखा गया था. नकद भुगतान करने के लिए हवाला चैनलों का इस्तेमाल किया गया था. ईडी ने कहा कि डिजिटल सबूतों के अनुसार, “योगेश पोपट की एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी – आर -1 इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को हवाला के जरिए 112 करोड़ रुपये दिए गए थे, और 42 करोड़ रुपये की होटल बुकिंग एईडी में नकद में भुगतान करके की गई थी.
एप में 50 प्रतिशत की भागीदारी
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद महादेव बुक सट्टा एप के गिरोह में हिस्सेदारियों का खुलासा हुआ है. बताया गया कि सौरभ चंद्राकर के पास 50%, रवि उप्पल के पास 25%, शुभम सोनी के पास 10%, और अनिल अग्रवाल के पास 15% हिस्सेदारी है. इस मामले में 70 एफआईआर दर्ज हैं, और 300 से अधिक लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं.
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