रांची। चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की अपील याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में मंगलवार से नियमित सुनवाई शुरू हो गई है। अदालत में लालू यादव की ओर से अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अब इस प्रकरण की सुनवाई प्रतिदिन करने का निर्णय लिया है। बुधवार को भी मामले में आगे की बहस जारी रहेगी।

अधिवक्ताओं ने अदालत में रखा पक्ष

सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद यादव की ओर से अधिवक्ता प्रभात कुमार और देवर्षि मंडल ने पैरवी की। उन्होंने अदालत को चारा घोटाले के उजागर होने की पृष्ठभूमि और इससे संबंधित पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। अदालत में अपील से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बहस हुई।

देवघर कोषागार से अवैध निकासी का मामला

यह मामला अविभाजित बिहार के चर्चित चारा घोटाले के तहत देवघर कोषागार से फर्जी वाउचरों के आधार पर सरकारी राशि की अवैध निकासी से जुड़ा है। इस प्रकरण में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव को दोषी ठहराते हुए साढ़े तीन साल की कारावास की सजा सुनाई थी।

निचली अदालत के फैसले और सजा को चुनौती देते हुए लालू प्रसाद यादव ने झारखंड हाई कोर्ट में अपील याचिका दायर की है। इस याचिका के जरिए उन्होंने दोषसिद्धि और सजा को निरस्त करने की मांग की है।

झारखंड में चारा घोटाले से जुड़े 53 मामलों का ट्रायल

चारा घोटाला अविभाजित बिहार के समय सामने आया था। इस घोटाले में पशुपालन विभाग के नाम पर फर्जी बिल और दस्तावेज तैयार कर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई थी।

वर्ष 2000 में झारखंड के गठन के बाद चारा घोटाले से जुड़े 53 मामलों का ट्रायल रांची की सीबीआई विशेष अदालतों में स्थानांतरित किया गया था। इनमें से पांच प्रमुख मामलों में सीबीआई अदालत ने लालू प्रसाद यादव को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।

अब देवघर कोषागार से संबंधित मामले में उनकी अपील पर हाई कोर्ट में नियमित सुनवाई हो रही है। बुधवार को होने वाली सुनवाई में भी दोनों पक्षों की दलीलें सामने आने की उम्मीद है।