Rabri Residence: राबड़ी आवास इस समय बिहार की सियासत का केंद्र बना हुआ है। दरअसल बिहार सरकार की ओर से 10 सर्कुलर रोड (राबड़ी आवास) को खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। भवन निर्माण विभाग की ओर से यह बंगला बिहार सरकार में दलित मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है, जिसके बाद से प्रशासन और विभाग राबड़ी देवी पर बंगला खाली करने का दबाव बना रही है। वहीं, राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड बंगला आवंटित किया गया है।
लालू यादव लेंगे अंतिम फैसला
हालांकि फिलहाल राबड़ी देवी बंगला खाली करने के मूड में नहीं हैं। मिल रही जानकारी के अनुसार बंगला खाल करना है या नहीं? इसपर अंतिम फैसला राजद सुप्रीमो लालू यादव का ही होगा, जो फिलहाल अभी अपने इलाज के लिए सिंगापुर गए हुए हैं। 6 जून तक उनके पटना लौटने की उम्मीद है। कहा जा रहा है कि पटना लौटने के बाद ही लालू यादव तय करेंगे की बंगला खाली किया जाएगा या नहीं।
रोहिणी ने भाजपा को बताया दलित विरोधी
इधर राबड़ी आवास को लेकर मचे सियासी बवंडर के बीच रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर से सम्राट सरकार पर निशाना साधा है। रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा-दलित विरोध , दलितों के प्रति घृणा , द्वेष, भेदभाव वाली विचारधारा-सोच तो भाजपा की उत्पत्ति के मूल में ही है , भाजपा के लोगों के द्वारा दिए गए सैंकड़ों दलित विरोधी घटिया बयानों और भाजपा शासित प्रदेशों में निरंतर बढ़ती दलित उत्पीड़न एवं अत्याचार की घटनाओं से ये साबित भी होता है, पिछले ही वर्ष ( २०२५ ) के अक्टूबर महीने में मध्यप्रदेश के भिंड में भाजपाई गुंडों के द्वारा ड्राइवर का काम करने वाले एक दलित युवक को निर्ममता से पीटे जाने के पश्चात् जबरन पेशाब पिलाए जाने की मानवता को शर्मसार करने वाली घटना को देश अभी भूला नहीं है।
दलित विरोधी मानसिकता वालों का कब्जा
रोहिणी आचार्य ने कहा कि, पूरी दुनिया इस सच से वाकिफ है कि, भाजपा में ऊपर से नीचे तक दलित विरोधी मानसिकता वालों का कब्ज़ा है और ऐसे ही लोगों के उकसावे और दबाब में आ कर बिहार सरकार के मंत्री नंद किशोर राम जी कह रह रहे हैं कि राबड़ी देवी जी उनके दलित होने की वजह से बंगला नहीं खाली कर रही हैं।
लालू-राबड़ी को बताया दलितों की आवाज
रोहिणी ने कहा कि, ऐसा कहते हुए मंत्री जी (नंद किशोर राम) ये भूल रहे हैं कि राबड़ी देवी जी उन लालू यादव की पत्नी हैं , जिन्होंने वंचितों, दलितों और हाशिए पर खड़ी आबादी को अपने अधिकार के लिए आवाज़ उठाने, लड़ने की ताकत दी। लालू जी के साथ-साथ राबड़ी देवी ने भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में, मुख्यधारा की राजनीति में दलितों-वंचितों की अहम्, सक्षम एवं सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करवायी। लालू यादव एवं राबड़ी देवी ने दलित समुदाय से आने वाले दर्जनों लोगों, महिलाओं एवं पुरुषों को संसद-विधानसभा-विधान परिषद् का माननीय सदस्य, मंत्रिमंडल का हिस्सा बनना सुनिश्चित करवाया।
तो शायद आज मंत्री नहीं होते नंद किशोर राम
रोहिणी आचार्य ने आगे कहा कि, राबड़ी देवी पर झूठा दोषारोपण करने की बजाए मंत्री नंद किशोर राम को तो लालू यादव एवं राबड़ी देवी का शुक्रगुजार होना चाहिए। अगर लालू यादव और राबड़ी देवी का दलितों-वंचितों के उत्थान के लिए निरंतर किया गया प्रयास नहीं होता तो शायद आज नंद किशोर राम मंत्री भी नहीं होते।
उन्होंने कहा कि, मंत्री नंद किशोर राबड़ी देवी पर बंगला खाली करने का गैरवाजिब दबाब भाजपाई सम्राट सरकार इसी लिए ही तो बना रही है। क्यूंकि वो दलितों-वंचितों की हक की लड़ाई लड़ती हैं, उनके लिए आवाज उठाती हैं और राबड़ी देवी एवं लालू भाजपा के दलित विरोधी नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने देने की राह में सबसे बड़ी बाधा हैं।
ये भी पढ़ें- राबड़ी आवास विवाद पर लालू के पैतृक गांव फुलवरिया में उबाल, ग्रामीणों ने दी शहादत की चेतावनी

