उत्तर प्रदेश से पहली बार वियतनाम के लिए तरल ग्लूकोज की 48 मीट्रिक टन खेप कानपुर से रवाना की गई. इस निर्यात को प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है.

कानपुर. उत्तर प्रदेश से वियतनाम को पहली बार तरल ग्लूकोज का वाणिज्यिक निर्यात किया गया है. शनिवार को कानपुर से 48 मीट्रिक टन तरल ग्लूकोज की खेप रवाना हुई. इस पहल को प्रदेश के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है.

निर्यात को मिला बढ़ावा

कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों से यह निर्यात संभव हुआ. इसका उद्देश्य प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर बढ़ाना और निर्यात उत्पादों में विविधता लाना है.

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि तरल ग्लूकोज का निर्यात प्रदेश के प्रसंस्कृत खाद्य क्षेत्र के विस्तार और वैश्विक बाजारों में उत्तर प्रदेश की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उनके मुताबिक, इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को नए कारोबारी अवसर मिलेंगे और राज्य की निर्यात क्षमता मजबूत होगी.

कानपुर से वियतनाम जाएगी खेप

इस खेप का निर्यात कानपुर स्थित एच.एल. एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने किया है. तरल ग्लूकोज को कानपुर के अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) से जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (जेएनपीटी), नवी मुंबई के रास्ते वियतनाम भेजा जाएगा.

इस परिवहन व्यवस्था के जरिए प्रदेश के विनिर्माण केंद्रों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों से जोड़ा जा रहा है. यह निर्यात कारोबार में लॉजिस्टिक्स सुविधाओं की भूमिका को भी सामने लाता है.

खाद्य उद्योग में उपयोग

एसएमएई विभाग के अधिकारी बीएल यादव ने बताया कि तरल ग्लूकोज खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का एक महत्वपूर्ण उत्पाद है. इसका इस्तेमाल बेकरी उत्पादों, मिठाइयों, कन्फेक्शनरी और पेय पदार्थों समेत कई खाद्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है.

उन्होंने बताया कि इस खेप के लिए कच्चा माल उत्तर प्रदेश और बिहार से मंगाया गया था. इसके बाद कानपुर स्थित कंपनी की विनिर्माण इकाई में इसका प्रसंस्करण किया गया.

किसानों और उद्योगों को अवसर

इस निर्यात से अंतरराज्यीय कृषि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलने और स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है. इससे औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के नए अवसर भी बन सकते हैं.

बीएल यादव के अनुसार, एपीडा और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिल रहा है. वियतनाम को तरल ग्लूकोज की पहली वाणिज्यिक खेप भेजे जाने को प्रदेश के कृषि आधारित उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक नई उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.