Business Desk – LPG Gas Price 2026 : आज 1 मई से कमर्शियल गैस सिलेंडर 994 तक महंगे हो गए हैं. दिल्ली में अब एक सिलेंडर 3,071.50 में मिल रहा है. इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग नियम 2026’ भी आज से लागू हो गए हैं.

मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव
कमर्शियल सिलेंडर ₹994 तक महंगे हुए
बदलाव: तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में 994 रुपए तक की बढ़ोतरी की है. दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर 3,071.50 हो गई है. पहले यह 2,078.50 में मिलता था.
असर: कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च बढ़ जाएगा. नतीजतन, वे चाय, नाश्ते और थाली (खाने की प्लेट) की कीमतें बढ़ा सकते हैं. शादियों और कार्यक्रमों के लिए कैटरिंग सेवाएं भी महंगी हो सकती हैं.
ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम आज से लागू
बदलाव: ‘ऑनलाइन गेमिंग नियम 2026’ आज से पूरे देश में लागू हो गए हैं. इन नियमों के तहत, ‘ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (OGAI) का गठन किया जाएगा. यह संस्था ऑनलाइन खेलों को रेगुलेट करने, उन्हें अलग-अलग कैटेगरी में बांटने और उनके कामकाज पर नजर रखने के लिए जिम्मेदार होगी. इस फ्रेमवर्क के तहत, खेलों को तीन कैटेगरी में बांटा गया है. ऑनलाइन मनी गेम्स, ऑनलाइन सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स. मनी गेम्स पर रोक रहेगी, जबकि बाकी गेमिंग प्लेटफॉर्म के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होगा.
विदेशी गेमिंग कंपनियां अब भारतीय कानूनों से बच नहीं पाएंगी. अगर कोई कंपनी भारत के अंदर अपनी सेवाएं देती है. भले ही उसका हेडक्वार्टर कहीं भी हो तो उसे भारतीय नियमों का सख्ती से पालन करना होगा. यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन खेलों में उम्र की सीमा, माता-पिता का कंट्रोल और समय की सीमा जैसे सुरक्षा उपाय शामिल होंगे. गेम खेलते समय होने वाले पैसों के लेन-देन पर भी नजर रखी जाएगी.
असर: सख्त नियमों और उम्र की सीमा/माता-पिता के कंट्रोल जैसी सुविधाओं को लागू करने से गेमिंग की लत और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है, जिससे यूज़र्स के लिए एक सुरक्षित माहौल बनेगा. इसके अलावा, विदेशी कंपनियों पर नियंत्रण कड़ा करने से सट्टेबाजी की गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है. इससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा और ई-स्पोर्ट्स को एक वैध खेल के तौर पर ज्यादा पहचान मिलेगी.
डीजल और एविएशन फ्यूल का निर्यात सस्ता होगा
बदलाव: 1 मई से और उसके बाद के 15 दिनों के लिए, केंद्र सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाली विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Special Additional Excise Duty) को घटाकर 23 रुपए प्रति लीटर कर दिया है. अप्रैल में यह दर 55.5 रुपए थी. इस बीच, ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) पर लगने वाली विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को घटाकर 33 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है. अप्रैल में यह दर 42 रुपए थी. इसके अलावा, फ्यूल की परिभाषा में संशोधन करके, पेट्रोलियम मंत्रालय ने अब ATF में सिंथेटिक फ्यूल मिलाने (ब्लेंडिंग) की अनुमति दे दी है.
असर: शुल्क में कमी से भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों जैसे रिलायंस और नायरा के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फ्यूल बेचना ज्यादा किफायती हो जाएगा, जिससे उनके मुनाफे के मार्जिन में सुधार होने की संभावना है. वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि घरेलू खपत के लिए इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है. नतीजतन, आम जनता के लिए फ्यूल की कीमतें स्थिर रहेंगी. ATF में सिंथेटिक ब्लेंडिंग की अनुमति मिलने से एविएशन सेक्टर में पर्यावरण के अनुकूल और वैकल्पिक फ्यूल को अपनाने को बढ़ावा मिलेगा, जिससे इंडस्ट्री के मानकों में ज्यादा स्पष्टता आएगी.
UAE आज से OPEC और OPEC+ से बाहर
बदलाव: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 1 मई से OPEC और OPEC+ से बाहर हो गया है. यह दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक संगठन है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लगभग 40–50% हिस्से को नियंत्रित करता है और उत्पादन कोटा तय करके कीमतों को प्रभावित करता है.
असर: OPEC की पाबंदियों से बाहर निकलने से, UAE अपने तेल उत्पादन को बढ़ा पाएगा. इससे वैश्विक बाजार में आपूर्ति बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है. भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को अपनी तेल आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने का अवसर मिलेगा.
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