लखनऊ के डबल मर्डर-सुसाइड मामले में पुलिस की जांच का केंद्र 18 अगस्त की कोर्ट सुनवाई और मानस-दिव्या के वैवाहिक विवाद पर है. परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जबकि पुलिस सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है.
लखनऊ. राजधानी में बैंक कर्मचारी मानस द्वारा पत्नी दिव्या और बहन तुलिका की हत्या के बाद आत्महत्या करने के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है. शुक्रवार देर शाम तीनों का अंतिम संस्कार बैकुंठ धाम में कर दिया गया, जबकि शनिवार को मानस और तुलिका के परिजन दोनों की अस्थियां लेकर कानपुर जाएंगे.
परिवार अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. पुलिस का फोकस घटना से पहले के घटनाक्रम, मानस और दिव्या के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद और खास तौर पर 18 अगस्त को हुई कोर्ट की सुनवाई पर है.
तीनों का अंतिम संस्कार
शुक्रवार शाम करीब 5 बजे पोस्टमार्टम के बाद दिव्या का शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया था. इसके बाद बैकुंठ धाम में उसका अंतिम संस्कार किया गया.
मानस और तुलिका के शव मिलने में देरी होने पर उनके परिजनों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और डॉक्टरों के पैनल को बुलाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई. इसके बाद देर शाम दोनों शव परिजनों को सौंपे गए और बैकुंठ धाम में उनका भी अंतिम संस्कार किया गया.
गर्भपात के बाद तनाव
मानस के मामा के बेटे पीयूष ने बताया कि मानस और दिव्या के वैवाहिक रिश्ते में तनाव गर्भपात के बाद बढ़ना शुरू हुआ था. उनके मुताबिक, शादी के करीब दो साल बाद दिव्या गर्भवती हुई थीं और उस समय दोनों परिवारों के साथ मानस और दिव्या भी बच्चे को लेकर खुश थे.
हालांकि, दिव्या का गर्भपात हो गया. पीयूष के अनुसार, इसके बाद दोनों के बीच धीरे-धीरे दूरी बढ़ती गई और वे अलग-अलग रहने लगे. समय के साथ विवाद बढ़ा और मामला अदालत तक पहुंच गया, जहां दिव्या के परिवार की ओर से मुकदमा दायर किया गया था.
पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की भी जांच कर रही है.
18 अगस्त की सुनवाई
जांच में 18 अगस्त को हुई कोर्ट की सुनवाई को अहम कड़ी माना जा रहा है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उस दिन अदालत में क्या हुआ था और सुनवाई के बाद मानस तथा दिव्या के बीच कोई बातचीत हुई थी या नहीं.
इसके लिए पुलिस दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं से संपर्क कर जानकारी जुटा रही है. कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि मानस और दिव्या कब अदालत पहुंचे, उनकी मुलाकात हुई या नहीं और वहां से निकलने के बाद दोनों कहां गए.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था. पुलिस अब वैवाहिक विवाद समेत घटना से जुड़े सभी संभावित कारणों की पड़ताल कर रही है और किसी एक वजह को अभी अंतिम कारण नहीं मान रही है.
परिवार के बयानों का मिलान दस्तावेजी साक्ष्यों और पुलिस जांच से किया जा रहा है. अदालत से जुड़े दस्तावेज, दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बयान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्य जांच का हिस्सा बनाए जा सकते हैं.
परिजनों के मुताबिक, पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि तुलिका और दिव्या के शरीर के अंदर गोली फंसी हुई मिली, जबकि मानस के सिर में लगी गोली आर-पार हो गई. हालांकि, पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है.
रिपोर्ट आने के बाद ही गोली लगने की जगह, उसकी दिशा और मौत की चिकित्सकीय वजह से जुड़े तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों का भी परीक्षण कर रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

