लुधियाना: दशहरे पर रावण के पुतले के साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान, लुधियाना की महिला मेयर और हलका पूर्वी के विधायक की तस्वीरें लगाकर दहन करने वालों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है.इस विवादित कृत्य पर कड़ा संज्ञान लेते हुए थाना टिब्बा की पुलिस ने अकाली नेता/पार्षद सहित उनके कई साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

पुलिस ने वायरल वीडियो और पेन ड्राइव में मिले साक्ष्यों के आधार पर यह सख्त कानूनी कदम उठाया है. पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार यह घटना 20 अक्तूबर (दशहरे की रात) करीब 8 बजे की है. शिकायतकर्ता नीरज चोपड़ा ने पुलिस को दिए बयानों में आरोप लगाया कि आरोपियों ने रावण के पुतले पर संवैधानिक पदों पर बैठे माननीयों की तस्वीरें लगाकर हिंदू धर्म के पवित्र त्योहार का सरेआम उपहास उड़ाया है. इस कृत्य से न केवल लोगों की धार्मिक आस्था और भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है, बल्कि लुधियाना की मौजूदा महिला मेयर की तस्वीर रावण के पुतले पर लगाकर एक महिला के सम्मान और गरिमा को भी सार्वजनिक रूप से ठेस पहुंचाई गई है.

आरोपियों ने खुद डाली सोशल मीडिया में फोटो

शिकायतकर्ता नीरज चोपड़ा ने आरोपियों द्वारा खुद सोशल मीडिया पर वायरल की गई वीडियो की एक पेन ड्राइव पुलिस को बतौर पक्का सबूत सौंपी. वीडियो और बयानों की प्राथमिक जांच के बाद थाना टिब्बा पुलिस ने कमल अरोड़ा, रोहित मेहता, गौरवजीत गोरा, सुखदेव काला और 2 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 के तहत केस दर्ज किया है. यह कानूनी धारा किसी भी व्यक्ति अथवा समुदाय की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने, धार्मिक रीति-रिवाजों का अपमान करने आया नफरत फैलाने वाले अपमानजनक कृत्यों पर लगाई जाती है. इस धारा के तहत दोष साबित होने पर आरोपी को 1 वर्ष तक के कारावास, आर्थिक जुर्माना या दोनों सजाएं भुगतनी पड़ सकती हैं. मामले की आगामी तफ्तीश ए.एस.आई. रविंदर कुमार को सौंपी गई है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है. वहीं इस मामले को लेकर आप कार्यकर्ताओं में बेहद नाराजगी देखी जा रही है.