लुधियाना। बिजली चोरी पर नकेल कसने के लिए पी.एस.पी.सी.एल. ने बड़े जोश के साथ स्मार्ट मीटर लगाने शुरू किए थे। विभाग को भरोसा था कि नई तकनीक चोरी रोकने में कारगर सिद्ध होगी। लेकिन, उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से भी स्मार्ट निकले।
लुधियाना सेंट्रल जोन और मंडी गोबिंदगढ़ की लैब से सामने आए ताजा मामलों ने विभाग के होश उड़ा दिए हैं। सूत्रों के अनुसार लुधियाना सेंट्रल जोन और मंडी गोबिंदगढ़ इलाके में अब तक 150 से 200 स्मार्ट मीटरों में बिजली चोरी पकड़ में आ चुकी है।
हैरानी की बात यह है कि उपभोक्ताओं ने इतनी बारीकी से मीटरों में छेड़छाड़ की कि पहली नजर में एनफोर्समेंट टीम को भी बोगी का अंदाजा नहीं हुआ। टीम को जब कुछ रीडिंग संदिग्ध लगीं, तब जाकर कुछ मीटरों को जांच के लिए पी.एस.पी.सी.एल. की एम.ई. लैब भेजा गया। फिर पता चला कि उपभोक्ता ने मीटर के अंदर इस तरह बदलाव किया था कि असली विद्युत प्रवाह का रिकॉर्ड मीटर तक पहुंच ही नहीं रहा था। ऊपर से देखने पर मीटर सामान्य दिखता रहा। लेकिन, असल में बिजली खपत का बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड ही नहीं ने PSPCL हो रहा था।

विभाग जैसे संबंधित उपभोक्ता पर भारी जुर्माना लगाया गया और मामला पी.एस.पी.सी.एल. थाने में दर्ज करा दिया गया। पी.एस.पी.सी.एल. अधिकारियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं बेहद गंभीर हैं और इन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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