मोहम्मद करीमुल्लाह, मधुबनी।​ जिले के बेनीपट्टी अनुमंडल अंतर्गत पतौना थाना क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। रघेपुरा यदुपट्टी के चौर (बाध) में जेसीबी से खोदे गए एक गहरे गड्ढे में डूबने से पांच मासूम बच्चों की असमय मौत हो गई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मची है और हर तरफ मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है।

​स्नान करने गए थे बच्चे, गड्ढे की गहराई ने छीनी जान

​प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हृदय विदारक घटना दोपहर करीब 1:00 बजे की है। रघेपुरा के केरवार गांव के आठ बच्चे चौर में स्नान करने के लिए गए थे। वहां पहले से ही जेसीबी मशीन द्वारा मिट्टी की अवैध खुदाई की गई थी जिसके कारण वहां एक बड़ा और बेहद गहरा गड्ढा बन गया था। बच्चों को इस गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं था। स्नान के दौरान जैसे ही वे गहरे पानी में उतरे, वे एक-एक कर डूबने लगे।

​7 जोड़ी चप्पलों से खुली त्रासदी की पोल

​घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गड्ढे के किनारे सात जोड़ी चप्पलें छूटी हुई मिलीं। स्थानीय लोगों ने जब यह देखा तो वे फौरन मौके पर दौड़े और रेस्क्यू शुरू किया। ग्रामीणों ने अथक प्रयास कर बच्चों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

​अस्पताल में मचा कोहराम, प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे मौके पर

​घटना की सूचना मिलते ही आनन-फानन में बच्चों को बेनीपट्टी अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में 2 लड़के और 3 लड़कियों समेत कुल 5 बच्चों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। वहीं, एक अन्य बच्चे की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिसका इलाज चल रहा है।
​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए बेनीपट्टी के अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) शारंग पानी पांडेय तुरंत अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और अस्पताल प्रबंधन को उपचार में कोई कोताही न बरतने के सख्त निर्देश दिए।

​ग्रामीणों में भारी आक्रोश

​इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन और जेसीबी संचालकों के प्रति भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि चौर में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर बेतरतीब ढंग से जेसीबी से गड्ढे खोदे जा रहे हैं और उन्हें खुला छोड़ दिया जाता है। इसी लापरवाही ने आज पांच घरों के चिराग बुझा दिए हैं। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।