बीमा पॉलिसी के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में ईओडब्ल्यू ने वी-केयर मल्टीट्रेड प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक मधुमिता कौर को रांची से गिरफ्तार किया है. लखनऊ के कृष्णानगर थाने में वर्ष 2012 में दर्ज मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया.

लखनऊ. बीमा पॉलिसियों के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने वी-केयर मल्टीट्रेड प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक और सीईओ मधुमिता कौर को झारखंड के रांची से गिरफ्तार किया है. इस मामले में कृष्णानगर थाने में वर्ष 2012 में मुकदमा दर्ज किया गया था. जांच एजेंसी के मुताबिक, कंपनी के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 26 मुकदमे दर्ज हैं.

रांची से हुई गिरफ्तारी

ईओडब्ल्यू के अनुसार, मामले की जांच के दौरान मधुमिता कौर की तलाश की जा रही थी. टीम ने 18 अक्टूबर को रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र से उन्हें गिरफ्तार किया. वह रांची के पीपी कंपाउंड इलाके की निवासी हैं.

गिरफ्तारी के बाद 19 अक्टूबर को रांची की अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल की गई, जिसके बाद उन्हें लखनऊ लाया गया. यहां न्यायालय में पेश करने के बाद उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की गई.

दिल्ली और हरियाणा में पंजीकरण

जांच के मुताबिक, वी-केयर मल्टीट्रेड प्राइवेट लिमिटेड का पंजीकरण वर्ष 2008-09 में दिल्ली और हरियाणा में कराया गया था. कंपनी ने लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में अपना क्षेत्रीय कार्यालय खोला था.

आरोप है कि कंपनी रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस और एगान लाइफ इंश्योरेंस जैसी कंपनियों की बीमा पॉलिसियां कराने पर आकर्षक लाभ का वादा करती थी. इसी प्रलोभन के जरिए लोगों को योजना से जोड़ने का प्रयास किया गया.

प्रीमियम जमा नहीं करने का आरोप

ईओडब्ल्यू के अनुसार, योजना में लोगों को अपने परिचितों और अन्य व्यक्तियों की बीमा पॉलिसियां कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था. इसके बदले कंपनी की ओर से दूसरे वर्ष का प्रीमियम जमा करने का आश्वासन दिया जाता था.

आरोप है कि बड़ी संख्या में लोगों को योजना से जोड़ने के बाद कंपनी ने दूसरे वर्ष का प्रीमियम जमा नहीं किया. इसके साथ ही निवेशकों की रकम और कमीशन के गबन का भी आरोप है.

जांच के अनुसार, इसके बाद कंपनी के संचालक कार्यालय बंद कर फरार हो गए. ईओडब्ल्यू मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है.