शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश ने एक बार फिर गेहूं उपार्जन में पूरे देश में बाजी मार ली है। अब तक 13.36 लाख किसानों से 103.48 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। राज्य सरकार के अनुसार यह आंकड़ा देश में सबसे अधिक है। सीमांत एवं लघु कृषकों को विशेष प्राथमिकता देते हुए राज्य ने 8.09 लाख 990 छोटे किसानों से 32.14 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जित किया है। गेहूं का उपार्जन अभी भी जारी है और किसान लगातार मंडियों में पहुंच रहे हैं।
इस साल रिकॉर्ड स्तर पर उपार्जन
कोविड-19 की अवधि को छोड़कर पिछले 10 वर्षों में इस साल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सबसे अधिक गेहूं उपार्जन मध्य प्रदेश में हुआ है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और किसानों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। अब तक उपार्जित गेहूं की पूरी राशि 22,842.9 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर किया जा चुका है।
मध्य प्रदेश की उपलब्धि
मध्य प्रदेश लगातार कई वर्षों से गेहूं उत्पादन और उपार्जन दोनों में अग्रणी राज्य बना हुआ है। इस वर्ष भी बेहतर प्रबंधन, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर भुगतान की वजह से किसानों का भरोसा बढ़ा है। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में लगातार काम कर रही है और गेहूं उपार्जन को और अधिक सुगम बनाने के प्रयास जारी हैं। जो किसान अभी तक गेहूं नहीं बेच पाए हैं, वे नजदीकी मंडी में जाकर अपना गेहूं MSP पर बेच सकते हैं।

