शब्बीर अहमद, भोपाल। शासकीय विभागों के बीच डेटा के सुरक्षित, एकीकृत एवं प्रभावी आदान-प्रदान तथा नागरिकों की डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य डेटा गवर्नेंस समिति (State Data Governance Committee) का गठन किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।
समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे और मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (MPSEDC) के प्रबंध संचालक सदस्य-संयोजक होंगे। समिति में नगरीय विकास एवं आवास, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, वित्त, गृह तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को सदस्य बनाया गया है।
समिति राज्य के विभिन्न विभागों में डेटा साझाकरण की नीतियों में एकरूपता, डेटा मानकीकरण, साइबर सुरक्षा एवं गोपनीयता संरक्षण की निगरानी करेगी। साथ ही विभागों के बीच डेटा आदान-प्रदान संबंधी समस्याओं का निराकरण, डेटा एक्सचेंज प्लेटफॉर्म का प्रभावी क्रियान्वयन तथा डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम-2023 के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देगी।
स्टेट डेटा गवर्नेंस कमेटी केंद्र की नेशनल डेटा गवर्नेंस कमेटी (NDGC) के साथ समन्वय में काम करेगी। समिति को एनआईसी, एमपी सर्ट और डेटा प्रोटेक्शन ऑफिसर को भी जिम्मेदारी मिली है। प्रदेश के सभी विभागों के सरकारी डेटासेट की इन्वेंट्री तैयार कराने पर जोर दिया दिया जा रहा है। डेटा साझा करने के लिए एकीकृत स्टेट डेटा एक्सचेंज प्लेटफॉर्म विकसित करने की तैयारी की जा रही है।


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