इंदर कुमार, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर से एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जमानत अर्जियों की त्वरित सुनवाई और उनके त्वरित निराकरण के लिए 7 विशेष पीठ का गठन किया गया है। इस व्यवस्था से पेंडिंग मामलों के जल्द निपटारे की उम्मीद बढ़ गई है।

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कब और कैसे होगी सुनवाई?

जारी किए गए नए शेड्यूल के अनुसार ये सभी 7 विशेष पीठें 29 अक्टूबर से 6 नवंबर तक नियमित न्यायिक कार्रवाई संपन्न होने के बाद, दोपहर 2:30 बजे से जमानत अर्जियों पर सुनवाई करेंगी। जिन भी वकीलों या पक्षकारों की जमानत अर्जियां इन तारीखों के बीच लगी हैं, वे इस नए शेड्यूल के अनुसार अपनी कार्रवाई की उम्मीद कर सकते हैं।

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कौन-कौन से जज संभालेंगे कमान?

जमानत अर्जियों की त्वरित सुनवाई के लिए गठित इन 7 एकल पीठों में न्यायमूर्तियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें जस्टिस विवेक रूसिया, ,जस्टिस आनंद पाठक, जस्टिस विशाल मिश्रा, जस्टिस दीपक खोट, जस्टिस रामकुमार चौबे और जस्टिस बीपी शर्मा शामिल हैं, जो इन विशेष सत्रों में जमानत अर्जियों की सुनवाई करेंगे।

इसके अलावा, विविध अपीलों की सुनवाई के लिए जस्टिस प्रदीप मित्तल की एकल पीठ का गठन किया गया है, जो निर्धारित समयानुसार विविध अपीलों से जुड़े मामलों को देखेंगी। हाईकोर्ट के इस कदम से न्याय प्रक्रिया में तेजी आने की पूरी संभावना है।

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