शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश में अब नाइट शिफ्ट में काम करने वालों को जल्द सिक्कों की खनक सुनाई देने वाली है। दरअसल, रात की नींद कुर्बान कर ड्यूटी करने वालों के लिए मध्यप्रदेश डॉ मोहन यादव सरकार एक बड़ा तोहफा लेकर आ रही है। प्रदेश में अब ‘जापान मॉडल’ लागू होने जा रहा है, जिसके तहत नाइट शिफ्ट करने वालों को एक्सट्रा सैलरी मिलेगी और मध्य प्रदेश के बाजार 24 घंटे गुलजार रहेंगे।

रात का सन्नाटा और जागकर काम करते लोग। इनकी मेहनत का अब मध्य प्रदेश सरकार पूरा मोल चुकाने जा रही है। विधानसभा के मानसून सत्र में मोहन सरकार ‘एमपी कोड ऑन एम्पॉवरिंग वर्क स्पेसेस, 2026’ बिल पेश करने वाली है। इस बिल के तहत नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों को उनके नियमित वेतन से ज्यादा पैसा मिलेगा। फॉर्मूला सीधा है- नाइट शिफ्ट के एक घंटे के काम को दिन के डेढ़ घंटे के बराबर माना जाएगा। यानी मेहनत आपकी, और एक्सट्रा सैलरी की गारंटी सरकार की।

मोहन सरकार का यह ड्राफ्ट सिर्फ कर्मचारियों की सैलरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 24 घंटे दौड़ाने का प्लान है। नए नियमों के बाद प्रदेश की दुकानें, ऑफिस और कमर्शियल प्रतिष्ठान चौबीसों घंटे खुल सकेंगे। अभी रात डेढ़ बजे से सुबह 4 बजे तक बाजार बंद करने की मजबूरी होती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस दुकानदार और व्यापारियों का भी बयान सुन लीजिए। रात में स्टेशन और बस स्टैंड के पास काफी भीड़ रहती है, लेकिन नियम की वजह से हमें अपनी दुकान बंद करनी पड़ती थी। अगर सरकार 24 घंटे बाजार खोलने की अनुमति देती है, तो हमारा व्यापार भी बढ़ेगा और हम दो शिफ्ट में लोगों को रोजगार भी दे पाएंगे।

बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता डॉ. रश्मि अग्रवाल ने कहा कि इस नए कानून में आधी आबादी का भी पूरा ध्यान रखा गया है। अब महिलाओं को भी नाइट शिफ्ट में काम करने की कानूनी अनुमति होगी। लेकिन सरकार ने इसके लिए शर्तें सख्त रखी हैं। नियोक्ता को महिला की सहमति के साथ-साथ उसकी सुरक्षा, सुरक्षित ट्रांसपोर्ट और बेहतर वर्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर की पूरी गारंटी देनी होगी। महिलाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे, यह अच्छी बात है। लेकिन सबसे जरूरी है सुरक्षा। अगर कंपनियों के लिए हमारी सुरक्षा और कैब फैसिलिटी अनिवार्य की जा रही है, तो हम भी बिना डर के नाइट शिफ्ट कर सकती हैं। यह एक पॉजिटिव कदम है।

सरकार की नई पहल पर अब सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ विक्रम चौधरी का मानना है कि सरकार को पहले सुरक्षा की जिम्मेदारी तय करना चाहिए। मध्यप्रदेश अन्य अपराध समेत महिला अपराधों में देश के पहले पायदान पर है। सुरक्षित माहौल दिन के नहीं तो रात में क्या हाल होगा।  कांग्रेस ने पुलिस बल की भारी कमी का मुद्दा उठाकर 24 घंटे के लाइन एंड ऑर्डर पर भी कई सवाल खड़े किए।

जापान जैसे विकसित देशों की तर्ज पर तैयार किया गया यह नया लेबर कोड मध्य प्रदेश के वर्क कल्चर को पूरी तरह से बदलने वाला है। एक तरफ जहां कर्मचारियों को उनकी रातों की नींद की एक्स्ट्रा कीमत मिलेगी, तो वहीं 24 घंटे खुले बाजार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नया बूम देंगे। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि जब यह ड्राफ्ट कानून बनकर जमीन पर उतरे, तो सुरक्षा और नियमों का पालन भी उसी सख्ती से हो, जितनी सख्ती से इसे कागजों पर उकेरा गया है।

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