संजय पाटीदार, भोपाल। मध्यप्रदेश में जल संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिल रही है। भारत भवन में आयोजित सदानीरा समागम में एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका और कैरेबियन देशों से आए राजनयिकों ने अभियान के तहत किए जा रहे कार्यो और जनभागीदारी आधारित मॉडल की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान को जिस तरह वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता और समर्थन मिल रहा है, वह प्रदेश के लिए किसी सम्मान से कम नहीं है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में शुरू किया गया यह अभियान अब एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है और जल आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रदेश नया इतिहास रच रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत अब तक 2 लाख 12 हजार से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण एवं पुनर्जीवन कार्य पूरा किया जा चुका है।जबकि सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 3 लाख 66 हजार तक पहुंचाने का है।सदानीरा समागम में साइप्रस, फिजी, मेक्सिको, नेपाल, त्रिनिदाद एवं टोबैगो और इक्वाडोर सहित छह देशों के राजनयिकों ने भाग लिया। साइप्रस के उच्चायुक्त इवागोरस वराईओनाइडेस ने कहा की कि उनका सांस्कृतिक दल 20 और 21 जून को भोपाल में प्रस्तुति देगा। वहीं इक्वाडोर के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन जॉर्ज विनिशियो अनरंगो ने कहा कि वे अपने देश में भी जल संरक्षण को समर्पित सदानीरा संगम जैसा आयोजन करने की दिशा में काम करेंगे।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नदियों, तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन की यह भागीरथी पहल अब सीमाओं से परे जाकर विश्व समुदाय के लिए प्रेरणा बन रही है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन का ‘मध्यप्रदेश मॉडल’ आज वैश्विक जरूरत के रूप में उभर रहा है और कई देशों ने इसे अपने यहां लागू करने की इच्छा भी जताई है। जल आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रदेश के ये प्रयास अब अंतरराष्ट्रीय पटल पर नई पहचान बना रहे हैं।

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