पटना। ​बिहार की सियासत में आज का दिन बेहद गरमाया हुआ है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन आज पटना में बड़ा प्रदर्शन करने जा रहा है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर (SIR) को लेकर विपक्ष का यह ‘लोकभवन मार्च’ सुबह 11 बजे सचिवालय के पास स्थित सप्तमूर्ति से शुरू होगा, जो चुनाव आयोग कार्यालय से होते हुए लोकभवन पहुंचेगा।

​प्रमुख मांगें और राज्यपाल को ज्ञापन

​इस मार्च के दौरान महागठबंधन के सभी विधायक, विधान पार्षद और वरिष्ठ नेता राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे। विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी जोर-शोर से उठाई जा रही है।

​वोट चोरी और सरकारी योजनाओं पर सवाल

​तेजस्वी यादव लगातार वोट चोरी और चुनाव आयोग के भाजपा के दबाव में काम करने का गंभीर आरोप लगाते रहे हैं। आज के प्रदर्शन में इस मुख्य मुद्दे के साथ-साथ चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे जाने के मामले को भी उठाया जाएगा। विपक्ष का तर्क है कि इस तरह की कार्रवाई से चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं पर सीधा प्रभाव पड़ा है, जिस पर आयोग को जवाब देना चाहिए।

​दो स्तरों पर आंदोलन और जिला मुख्यालयों पर धरना

​यह आंदोलन आज दो अलग-अलग स्तरों पर चलाया जा रहा है। एक तरफ जहां राजधानी पटना में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में भव्य लोकभवन मार्च निकाला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले कल यानी 7 अक्टूबर को राज्य के सभी 534 प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकाला गया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया था।