गुरुग्राम के वार्ड नंबर-36 स्थित महाकालेश्वर मंदिर के बाहर लगे कचरे के ढेर ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से तत्काल सफाई की मांग की है।
सुशीला देवी, गुरुग्राम। वार्ड नंबर-36 स्थित मेहलवाड़ा रोड पर जेएमडी कॉलोनी के पास स्थित महाकालेश्वर मंदिर के बाहर फैली गंदगी और कचरे के ढेरों ने स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंदिर परिसर के आसपास लंबे समय से जमा कचरे से उठने वाली भीषण दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से गुजरना भी दुश्वार हो गया है। स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित अधिकारियों और नगर निगम को लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिले हैं। अब तक धरातल पर सफाई व्यवस्था में सुधार का कोई नामोनिशान नहीं दिखाई दे रहा है, जिससे क्षेत्र में रोष बढ़ता जा रहा है।
दुर्गंध से लोगों का हाल बेहाल
क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस गंदगी के कारण राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कचरे के ढेर और उससे निकलती बदबू के चलते लोगों को अपना नाक ढककर वहां से गुजरना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह गंदगी और भी खतरनाक साबित हो सकती है, जिससे बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन मंदिर के प्रवेश द्वार के बाहर फैली यह गंदगी धार्मिक स्थल की गरिमा के विपरीत है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो वे मजबूरन सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

नगर निगम प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि बार-बार शिकायत के बावजूद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। मंदिर के आसपास की सफाई सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन यहाँ स्थिति पूरी तरह से उलट है। प्रशासन की ओर से अभी तक न तो कचरा हटाने के लिए कोई विशेष अभियान चलाया गया है और न ही भविष्य के लिए कोई ठोस योजना बनाई गई है। जनता की मांग है कि नगर निगम तुरंत हरकत में आए और नियमित सफाई सुनिश्चित करे ताकि मंदिर की पवित्रता बनी रहे और क्षेत्रवासियों को गंदगी से मुक्ति मिल सके। अब सभी की निगाहें प्रशासन के आगामी कदमों पर टिकी हैं।

