CM Devendra Fadnavis And Eknath Shinde Dispute: महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra politics) में सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। महायुति में गठबंधन शामिल बीजेपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) में एक बार फिर तनाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे गुट में तनाव चरम पर है। दरअसल शिवसेना के मंत्री का लिया हुआ फैसला सीएम फडणवीस ने बदल दिया है। इससे खुद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे नाराज हो गए हैं। वहीं शिंदे गुट के नाराज मंत्रियों का सवाल है कि अगर मुख्यमंत्री को एकतरफा फैसले ही लेने हैं, तो फिर कैबिनेट बैठकें किसलिए की जाती हैं? ऐसा कई बार हुआ है जब सीएम ने बाकी मंत्रियों को बिना विश्वास में लिए फैसले सुनाए।
दरअसल ये पूरा तनाव गैर मराठी ऑटो-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने को लेकर है। दरअसल पहले सरकार ने गैर मराठी और हिंदी भाषियों को 3 महीने में मराठी भाषा सीखने की मोहलत दी थी। हालांकि कम समय देने पर ऑटो-टैक्सी चालकों ने इसका विरोध किया। इसके बाद ऑटो-टैक्सी संघों ने बंद का ऐलान भी किया।
इसपर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को बुनियादी मराठी सीखने के लिए एक साल की मोहलत दी। हालांकि सीएम के इस एकतरफा फैसले का शिंदे गुट के मंत्रियों ने विरोध किया है। दरअसल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परिवहन मंत्री को विश्वास में लिए बिना एकतरफा फैसला ले लिया। इससे डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और शिवसेना के मंत्री नाराज बताए जा रहे हैं।
नाराज मंत्रियों का सवाल है कि अगर मुख्यमंत्री को एकतरफा फैसले ही लेने हैं, तो फिर कैबिनेट बैठकें किसलिए की जाती हैं? पिछले डेढ़ साल में मुख्यमंत्री ने महायुति में शामिल शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मंत्रियों को विश्वास में लिए बिना कई फैसले पक्षपातपूर्ण तरीके से लिए हैं। इन सभी मामलों के कारण कई मंत्रियों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है।
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