उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में रविवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। मिलन गार्डन में एक निर्माणाधीन मकान की छत का हिस्सा अचानक गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। रातभर चले अभियान के बाद सोमवार सुबह दोनों के शव बरामद किए गए। हादसा रविवार रात हर्ष विहार के मिलन गार्डन इलाके में हुआ। यहां एक निर्माणाधीन मकान की छत का हिस्सा अचानक ढह गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे दो लोगों के दबे होने की सूचना मिलने पर बचाव टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।

रातभर चला बचाव अभियान

हादसे की गंभीरता को देखते हुए बचाव दल ने मलबा हटाने का काम शुरू किया। दोनों लोगों को निकालने के लिए रातभर अभियान चलाया गया। सोमवार सुबह तलाशी और बचाव कार्य के दौरान मलबे से दोनों के शव बरामद किए गए। इस घटना में दो लोगों की जान चली गई। फिलहाल, मकान की छत का हिस्सा गिरने के सटीक कारणों और मृतकों की पहचान को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बचाव दलों ने मलबे से दो शव निकाले हैं। हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान जारी रखा गया। मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और दिल्ली अग्निशमन सेवा की टीमें तैनात रहीं।

मृतकों की पहचान पिता-पुत्र के रूप में हुई

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बचाव दलों ने मलबे से दो शव निकाले हैं। हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान जारी रखा गया। मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और दिल्ली अग्निशमन सेवा की टीमें तैनात रहीं। पुलिस के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान हर्ष विहार निवासी 60 वर्षीय चंदरपा और उनके 33 वर्षीय बेटे विजय कुमार के रूप में हुई है। निर्माणाधीन मकान की छत का हिस्सा गिरने के बाद दोनों मलबे में दब गए थे। उन्हें निकालने के लिए बचाव दलों ने रातभर अभियान चलाया, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।

मनोज कुमार के नाम बताई जा रही संपत्ति

पुलिस के अनुसार, जिस संपत्ति में निर्माण कार्य चल रहा था, उसका मालिकाना हक कथित तौर पर मनोज कुमार के पास है। वहीं, बताया जा रहा है कि विजय कुमार ने ही इस इमारत के निर्माण का ठेका लिया था। हालांकि, हादसे के समय निर्माण कार्य की स्थिति और छत का हिस्सा गिरने के वास्तविक कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। घटना की परिस्थितियों की जांच के बाद ही इन पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

शाम 6:46 बजे मिली थी हादसे की सूचना

डिविजनल फायर ऑफिसर रविंदर सिंह ने बताया कि रविवार शाम 6:46 बजे एक मकान गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद एक सब-ऑफिसर के नेतृत्व में तीन दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। हालात की गंभीरता को देखते हुए दो और दमकल गाड़ियों तथा एक वरिष्ठ अधिकारी को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मकान के मलबे में दो लोगों के फंसे होने की आशंका थी।

एक-दूसरे के बेहद करीब मिले शव

रविंदर सिंह के अनुसार, सोमवार सुबह तलाशी और बचाव अभियान के दौरान दोनों लोगों के शव बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि दोनों शव एक-दूसरे के काफी करीब थे और उनके बीच बहुत कम दूरी थी। शवों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेज दिया गया। हादसे में पिता और बेटे की मौत से इलाके में शोक का माहौल है।

एहतियात के तौर पर जारी रहेगा मलबा हटाने का काम

दमकल अधिकारी ने बताया कि फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि मलबे में कोई अन्य व्यक्ति भी फंसा हुआ हो। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर बचाव टीमें घटनास्थल पर मौजूद रहेंगी और मलबा हटाने का काम जारी रखेंगी। हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान में दिल्ली अग्निशमन सेवा के साथ अन्य संबंधित एजेंसियां भी जुटी रहीं। निर्माणाधीन मकान का हिस्सा गिरने के कारणों का विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है।

राहत और बचाव अभियान चलाया गया

हादसे की जानकारी मिलने के बाद तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में दो लोगों के फंसे होने की सूचना के आधार पर बचाव दल ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान दिल्ली अग्निशमन सेवा की टीमों के साथ पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां मौके पर मौजूद रहीं। डिविजनल फायर ऑफिसर रविंदर सिंह के मुताबिक, रविवार शाम 6:46 बजे मकान गिरने की सूचना मिली थी। शुरुआत में तीन दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। स्थिति का जायजा लेने के बाद दो और दमकल गाड़ियों तथा एक वरिष्ठ अधिकारी को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। बचाव अभियान के दौरान दोनों शव एक-दूसरे के काफी करीब मिले। उन्हें एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, एहतियात के तौर पर मलबा हटाने और तलाशी का काम जारी रखने का फैसला किया गया।

मलबा हटाने में बरती गई सावधानी

ऐसे हादसों में मलबे के नीचे किसी व्यक्ति के फंसे होने की आशंका के चलते बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण होता है। मलबा हटाते समय विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है, ताकि यदि कोई अन्य व्यक्ति दबा हो तो उसे अतिरिक्त नुकसान न पहुंचे। इसी को ध्यान में रखते हुए बचाव दल ने व्यवस्थित तरीके से तलाशी अभियान चलाया।

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