सत्या राजपूत, रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित श्री महावीर हॉस्पिटल के खिलाफ गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही और आयुष्मान योजना के नियमों के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की गई है। शिकायत की जांच के बाद अस्पताल का लाइसेंस व पंजीयन एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल का पंजीयन आगामी तीन महीने तक निलंबित करने के लिए शासन को प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

श्री महावीर हॉस्पिटल, अंबिकापुर के खिलाफ मृण्मयी पाण्डेय ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अस्पताल ने मेडिकल रिपोर्ट, सीटी स्कैन, एक्स-रे और रेफरल/डेथ समरी उपलब्ध नहीं कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि साक्ष्य छिपाने या नष्ट करने की मंशा से दस्तावेज नहीं दिए गए। इसके अलावा आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद मरीज के परिजनों से 6 से 7 लाख रुपये की अवैध वसूली करने और सही इलाज नहीं मिलने के कारण मरीज की मृत्यु होने का आरोप भी लगाया गया।
शिकायत प्राप्त होने के बाद शिकायत की विस्तृत जांच के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अंबिकापुर से टीम गठित कर जांचोपरांत प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन का अवलोकन किया गया।
श्री महावीर हॉस्पिटल द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण से यह स्पष्ट है कि मरीज के मस्तिष्क की न्यूरो सर्जरी करने वाले चिकित्सक का नाम अस्पताल के पंजीयन दस्तावेजों में अंकित नहीं है। न्यूरो सर्जरी एक टर्शरी केयर इलाज है और अस्पताल के पंजीयन दस्तावेजों में भी उक्त सुविधा का उल्लेख नहीं है। श्री महावीर हॉस्पिटल द्वारा दिए गए उत्तर में प्रोप्राइटर का यह कहना है कि शिकायतकर्ता के द्वारा गलत इलाज के लिए हॉस्पिटल के प्रोप्राइटर डॉ. सुधांशु किरण को आरोपी बनाया गया है, जबकि मरीज का इलाज अन्य डॉक्टरों की टीम के द्वारा किया गया है। नर्सिंग होम एक्ट में अस्पताल के संचालन की पूर्ण जिम्मेदारी हॉस्पिटल प्रोप्राइटर की होती है। श्री महावीर हॉस्पिटल ने चिकित्सकीय सेवाएं लेने के पूर्व स्वास्थ्य विभाग को कोई सूचना नहीं दी गई है। जांच प्रतिवेदन से यह भी स्पष्ट है कि मरीज के रेफरल की प्रक्रिया का सही पालन नहीं किया गया।
आयुष्मान कार्ड से इलाज के बाद भी वसूले 87,300 रुपये
श्री महावीर हॉस्पिटल के दस्तावेजों से स्पष्ट है कि आयुष्मान कार्ड से मरीज के इलाज के लिए संपूर्ण राशि बुक की गई है और इसके बाद अवैध रूप से 87,300.00 (सत्तासी हजार तीन सौ) रुपये मरीज के परिजनों से लिए गए। उक्त हॉस्पिटल द्वारा पूर्व में मरीज से अधिक राशि लिए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके लिए महावीर हॉस्पिटल को कड़ी चेतावनी जारी की गई थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि श्री महावीर हॉस्पिटल में शासन के निर्देशों के उल्लंघन में कार्य करने की प्रवृत्ति रही है। उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री महावीर हॉस्पिटल द्वारा न्यूरो सर्जरी जैसे गंभीर इलाजों में आंशिक लापरवाही बरती गई है तथा आयुष्मान योजना के पालन में गंभीर लापरवाही बरती गई है।
एक महीने तक लाइसेंस निलंबित
नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन के चलते श्री महावीर हॉस्पिटल का लाइसेंस और पंजीयन 17 अक्टूबर 2026 से 16 नवंबर 2026 तक एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। आयुष्मान योजना के तहत की गई अनियमितता को देखते हुए अस्पताल से अवैध रूप से वसूली गई राशि 87,300 रुपये वापस करने के निर्देश के परिपालन में आगामी तीन माह के लिए खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना/आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल का पंजीयन निलंबित किए जाने के लिए शासन में प्रतिवेदन प्रेषित करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को निर्देशित किया गया है।
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