रायपुर। बेमेतरा जिले की दाढ़ी तहसील अंतर्गत ग्राम हेमाबंद में आवारा एवं घुमंतू पशुओं को अनाधिकृत रूप से बंधक बनाकर रखने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पशु चिकित्सक को मौके पर भेजकर जांच कराई। प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी दिलीप राय और उसके पुत्र संजय राय को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया।

पुलिस के अनुसार, हेमाबंद निवासी दिलीप राय (55 वर्ष) और संजय राय (35 वर्ष) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 325, 299, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क), 11(1)(ज) तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इस मामले में लापरवाही बरतने पर जिला प्रशासन ने पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। साथ ही 126 पशुओं को गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचाया है।

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शासकीय भूमि से हटाया अतिक्रमण

प्रशासन ने मामले में केवल एफआईआर तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। आरोपी द्वारा कब्जा की गई शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। साथ ही आरोपी द्वारा उपयोग किए गए जब्त ट्रैक्टर के संबंध में राजसात की कार्रवाई भी पुलिस ने प्रारंभ कर दी गई है।

126 पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाया

मौके पर मिले 126 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद सभी पशुओं को वहां से हटाकर जिले की अन्य गौशालाओं में सुरक्षित रूप से व्यवस्थापित किया गया। पशुओं के स्वास्थ्य एवं उपचार की निगरानी के लिए संबंधित गौशालाओं में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मृत पशुओं की मौत की भी होगी जांच

जांच के दौरान गांव की सरहद में कुछ मृत पशु भी पाए गए हैं। इन पशुओं की मृत्यु किन परिस्थितियों और किन कारणों से हुई, इसका पता लगाने के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की गई है। टीम द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं जांच की जा रही है।

प्रशासन ने कहा – लापरवाही बर्दाश्त नहीं, पंचायत सचिव निलंबित

मामले में पंचायत स्तर पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। प्रकाश कोशले, सचिव ग्राम पंचायत हेमाबंद को अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशुओं के प्रति क्रूरता, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे अथवा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। हेमाबंद मामले में भी दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गौसेवकों ने कलेक्ट्रेट में किया था प्रदर्शन

बता दें कि गौ सेवक आदेश सोनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में गौ सेवक सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरने पर बैठे थे। प्रदर्शनकारी मृत गौवंश को पिकअप वाहन में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। गौ सेवकों का कहना था कि हेमाबंद गांव में कई गौवंशों की मौत हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

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