शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था ठप होने वाली है। मध्य प्रदेश राशन विक्रेता संघ ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। संघ ने घोषणा की है कि 1 अक्टूबर से प्रदेश की सभी 28 हजार उचित मूल्य की सरकारी राशन दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगी।
कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी की
इसी कड़ी में आज प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर विक्रेताओं ने प्रदर्शन किया। भोपाल में बड़ी संख्या में राशन विक्रेता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित विक्रेताओं ने कलेक्टर कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश में राशन विक्रेताओं को पूरे देश में सबसे कम कमीशन दिया जा रहा है। महंगाई के इस दौर में इतने कम कमीशन से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित दुकानों की स्थिति बेहद खराब है, जहां वितरण कम होने से आमदनी न के बराबर है।
विक्रेताओं की प्रमुख पांच मांगें
विक्रेताओं की प्रमुख पांच मांगें हैं। पहली, खाद्यान्न वितरण पर मिलने वाले कमीशन को बढ़ाकर न्यूनतम 200 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए। दूसरी, शहरी और ग्रामीण सभी विक्रेताओं के लिए 40 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय या आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। तीसरी, परिवहन और तौल के दौरान होने वाले नुकसान को देखते हुए प्रति क्विंटल एक किलो की छूट दी जाए। चौथी, हर महीने के कमीशन का भुगतान 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से किया जाए। और पांचवीं, सेवा सहकारी समितियों और वन समितियों को शासन स्तर से निर्देश जारी हों कि वे अपने अधीन काम करने वाले विक्रेताओं का भुगतान समय पर करें। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने 30 सितंबर तक मांगें नहीं मानीं तो 1 अक्टूबर से प्रदेशभर में राशन वितरण पूरी तरह बंद रहेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


