रांची। राजधानी में कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा और भवन नियमों के पालन को लेकर रांची नगर निगम ने अब जांच अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को निगम की नक्शा शाखा की टीम ने 20 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को नोटिस जारी किया है। सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सख्ती
नगर निगम की यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में की जा रही है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि संबंधित संस्थान स्वीकृत भवन नक्शे के अनुसार संचालित हो रहे हैं या नहीं। इसके अलावा भवन का वास्तविक उपयोग, ट्रेड लाइसेंस, जरूरी अनुमतियां और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में होगी।
निगम ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत नक्शे के विपरीत किया गया निर्माण या बिना आवश्यक अनुमति के किया गया निर्माण अनधिकृत माना जाएगा। केवल यह तथ्य कि भवन लंबे समय से मौजूद है, उसे वैध साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
घर को कोचिंग में बदलना भी पड़ेगा भारी
जांच के दौरान आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने के मामलों पर भी विशेष नजर रहेगी। यदि किसी आवासीय भवन का इस्तेमाल बिना अनुमति कोचिंग सेंटर या लाइब्रेरी के रूप में किया जा रहा है, तो उसके खिलाफ भी नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहते हैं। ऐसे में निगम फायर सेफ्टी को सबसे महत्वपूर्ण मानकों में शामिल कर रहा है। संस्थानों में फायर एग्जिट, अग्निशमन व्यवस्था, वैध फायर एनओसी और अन्य सुरक्षा इंतजाम की जांच की जाएगी।सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामी मिलने पर संबंधित संस्थान या भवन को सील करने की कार्रवाई की जा सकती है।
एक सप्ताह में दिखाने होंगे जरूरी कागजात
नोटिस मिलने के बाद संस्थानों को निर्धारित समय में जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। निगम की टीम इनमें स्वीकृत नक्शा, भवन के स्वीकृत उपयोग, ट्रेड लाइसेंस, फायर एनओसी और अन्य आवश्यक अनुमतियों की जांच करेगी।दस्तावेजों की जांच के साथ मौके पर जाकर भवन की वास्तविक स्थिति का भी सत्यापन किया जाएगा।
नियम नहीं माने तो बंद या सील होगा संस्थान
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जांच में अनियमितता मिलने के बाद भी यदि संबंधित संस्थान उसे दूर नहीं करता है, तो संस्थान को बंद करने या भवन को सील करने की कार्रवाई की जा सकती है।
शहर में अवैध होर्डिंग पर भी चला अभियान
कोचिंग संस्थानों के साथ निगम ने शहर में अवैध होर्डिंग के खिलाफ भी अभियान चलाया। कांके रोड, हरमू बाईपास, बिरसा चौक और हिनू चौक में जांच के दौरान 40 से अधिक होर्डिंग निर्धारित 12 फीट की ऊंचाई से कम पर लगे मिले। कई होर्डिंग फुटपाथ पर भी लगाए गए थे।
निगम ने संबंधित विज्ञापन एजेंसियों और संचालकों को नोटिस देकर होर्डिंग खुद हटाने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


