Automobile Desk: देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो अपने व्हीकल प्रोडक्शन में एक बड़ा इजाफा करने जा रही है। बाजार में गाड़ियों की लगातार बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने अपनी सालाना उत्पादन क्षमता को 6.25 लाख यूनिट से बढ़ाकर 7.75 लाख यूनिट करने का फैसला लिया है। यह पूरा विस्तार अगले 6 से 9 महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, प्रीमियम सेगमेंट की बाइक्स और थ्री-व्हीलर्स की बिक्री में आए उछाल ने कंपनी को यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है। बजाज ऑटो के संयुक्त प्रबंध निदेशक राकेश शर्मा ने हाल ही में दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे साझा करते हुए इस रणनीति की आधिकारिक पुष्टि की।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बजाज के वाहनों ने जबरदस्त पकड़ बनाई है। चालु वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का कुल निर्यात 41 प्रतिशत बढ़कर 7.8 लाख यूनिट के आंकड़े को छू गया। यह लगातार दूसरी ऐसी तिमाही रही है जब बजाज ने विदेश में 7 लाख से ज्यादा गाड़ियां भेजी हैं। अफ्रीकी महाद्वीप में जहां दोपहिया बाजार 35 फीसदी बढ़ा, वहीं बजाज के निर्यात में 83 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। लैटिन अमेरिका में भी कंपनी ने बाजार की 12 प्रतिशत ग्रोथ के मुकाबले 44 प्रतिशत की तेज बढ़त हासिल की। नाइजीरिया जैसे प्रमुख देश में तो कंपनी 60 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ हर महीने करीब 30 हजार गाड़ियां बेच रही है। वहां बॉक्सर 125 हैवी ड्यूटी बाइक की मांग में 50 फीसदी से अधिक का उछाल देखने को मिला है।

दूसरी तरफ, कंपनी का इलेक्ट्रिक स्कूटर चेतक भी भारतीय सड़कों पर अपनी मजबूत छाप छोड़ रहा है। अब तक 10 लाख से ज्यादा चेतक सड़कों पर उतर चुके हैं और अकेले सितंबर के महीने में इसकी 45,000 से अधिक रिटेल यूनिट्स बिकीं। इस दौरान इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में चेतक की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 23 प्रतिशत हो गई है। हालांकि, सप्लाई और प्रोडक्शन की सीमाओं के चलते सितंबर में 60,000 यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले केवल 40,000 स्कूटर ही तैयार हो सके थे। इसी खाई को पाटने के लिए कंपनी चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक चेतक का मंथली प्रोडक्शन बढ़ाकर 80,000 यूनिट करने पर काम कर रही है। इसके साथ ही ग्राहकों तक बेहतर पहुंच बनाने के लिए तीसरी तिमाही में 75 नए एक्सक्लूसिव चेतक शोरूम खोले जा रहे हैं।

प्रीमियम मोटरसाइकिलों और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी रफ्तार कायम है। केटीएम और ट्रायम्फ जैसी ब्रांड्स को संभालने वाले प्रो-बाइकिंग बिजनेस ने दूसरी तिमाही में 31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 40,000 यूनिट्स की बिक्री की, जबकि पहली छमाही की कुल बिक्री 80,000 यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। वहीं दूसरी तिमाही में थ्री-व्हीलर बिक्री 13 फीसदी बढ़कर 1.62 लाख यूनिट रही। सीएनजी पैसेंजर थ्री-व्हीलर मार्केट में कंपनी का 90 फीसदी और कार्गो सेगमेंट में 50 फीसदी से ज्यादा दबदबा बना हुआ है। इलेक्ट्रिक ऑटो बाजार में भी सितंबर के दौरान बजाज ने 32 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है। स्पेयर पार्ट्स के कारोबार ने भी पहली बार एक तिमाही में 2,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करते हुए 15 फीसदी की सालाना ग्रोथ दर्ज की है।